चंडीगढ़, - हरियाणा के पशुपालन मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ ने कहा कि हरियाणा में अब किसी भी रूप में गौ मास की बिक्री नही होगी। हरियाणा में जल्द ही गौ संरक्षण एवं गौ संवर्धन का कानून बनने जा रहा है और यह कानून वर्तमान में चल रहे विधानसभा सत्र में ही लाया जाएगा।
धनखड़ ने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों के कानूनो का अध्ययन करने के बाद ही हरियाणा में गौ संरक्षण एवं गौ संवर्धन कानून बनाया गया है और इस कानून के प्रस्ताव को विधानसभा में पेश किया जाएगा। उन राज्यों की अपेक्षा हरियाणा का यह कानून निश्चित तौर पर सख्त कानून होगा। इसमें गौ हत्या करने वाले व्यक्ति के लिए दस वर्ष के कारावास का प्रावधान किया गया है और अवैध रूप से गौ मास बिक्री के लिए ले जाने वाले वाहन चालक के खिलाफ भी कार्रवाही की जाएगी व उस वाहन को जब्त किया जाएगा।
उन्होने स्पष्ट किया कि कुछ मीडिया चैनलो में यह प्रसारित किया गया कि हरियाणा में ऐसा कानून लाया जा रहा है जिसमें गौ हत्या करने वालो पर 302 का मुक्कदमा बनेगा, जोकि गलत है और प्रस्तावित गौ संरक्षण कानून में इस प्रकार का कोई प्रावधान नही है। धनखड़ ने कहा कि गौ संवर्धन कानून लाने का लक्ष्य भारतीय गौ वंश का संवर्धन करना है। इसके साथ उन्होने कहा कि हरियाणा में अब डिब्बाबंद गौ मास की बिक्री पर भी प्रतिबंद लगा दिया गया है जिसकी पिछली सरकार के समय अनुमति थी।
धनखड़ ने कहा कि हरियाणा की 400 गऊशालाओं में लगभग 3 लाख गाय है। इसके अलावा, लगभग डेढ़ लाख राणी या आवारा गाय है और 18 लाख गाय घरों में है। इन गायों के संवर्धन के लिए ही प्रदेश में नया कानून लाया जा रहा है। उन्होने कहा कि डेढ़ लाख राणी गायों के लिए गौ अभ्यारण्य बनाने का प्रस्ताव है। इसके लिए जगह की तलाश की जा रही है। धनखड़ ने कहा कि मोटे तौर पर राजस्थान से सटे हरियाणा के जिलो में गौ अभ्यारण्य अथवा सैंक्च्युरी की स्थापना की जा सकती है।