चंडीगढ़, 12 फरवरी(अभीतक न्यूज़) हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने आज कहा कि देश में हरियाणा ही एक ऐसा राज्य है, जिसने खेलों को एक कैरियर के रूप में विकसित किया है और सरकार की सोच है कि खेलों में प्रोफेशनलिज़म लाया जाये।
श्री हुड्डा आज पंचकूला के ताऊ देवीलाल खेल परिसर में 20वीं अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने इन खेलों की मेजबानी हरियाणा को दिए जाने के लिए केन्द्रीय वन मंत्रालय का आभार जताया और हरियाणा के खिलाडि़यों के लिए अपने स्वैच्छिक कोटे से 10 लाख रुपये देने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खिलाडि़यों को नई-नई सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है और प्रयास किये जा रहे है कि खिलाडि़यों को वैज्ञानिक तरीके से प्रोफेशनल ट्रेनिंग मिले क्योंकि आज खेल में भी तकनीक पर विशेष ध्यान दिया जाने लगा है।
श्री हुड्डा ने कहा कि राज्य सरकार की खेल नीति से ज्यादा से ज्यादा बच्चे खेलों से जुड़ रहे है। युवा प्रतिभाओं की खोज के लिए शुरू की गई राज्य की स्पैट योजना में स्कूली स्तर पर 20 लाख से ज्यादा बच्चे हिस्सा लेते है और पांच हजार खिलाडि़यों को 10 करोड़ रुपये के वजीफे दिए जाते है। प्रदेश में खेल परिसरों का मज़बूत नेटवर्क स्थापित हुआ है। प्रदेश में 21 जिला स्तरीय स्टेडियम, 13 उप मंडल स्तर के स्टेडियम तथा 232 ग्रामीण स्तरीय मिनी खेल स्टेडियम है, जबकि 226 राजीव गांधी ग्राम खेल परिसर भी स्वीकृत किये है, जिसमें 158 पर काम पूरा हो चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने खिलाडि़यों को उनके भविष्य की चिंता से मुक्त किया है। पिछले आठ सालों के दौरान रोजगार गारंटी योजना के तहत 424 खिलाडि़यों को नौकरी दी है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेता खिलाडि़यों को लाखों रुपये के इनाम देकर सम्मानित किया है और अब तक 50 करोड़ 52 लाख रुपये की राशि नकद पुरस्कार के रूप में दी जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि युवा एवं उभरते खिलाडि़यों को प्रोत्साहित करने के लिए खेल नीति में पहली बार युवा ओलंपिक, युवा एशियाई तथा युवा कॉमनवैल्थ खेलों के पदक विजेताओं के लिए भी इनाम राशि की व्यवस्था की गई है। शिक्षण संस्थानों में दाखिला तथा सरकारी नौकरियों में खिलाडि़यों के लिए तीन प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि जल्द ही सरकार 790 प्रशिक्षकों की नियुक्ति करेगी ताकि बच्चों को अच्छी ट्रेनिंग मिले।
वन एवं पर्यावरण मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव ने श्री हुड्डा को ‘खेल प्रेमी तथा लोकप्रिय मुख्यमंत्री’ के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने प्रदेश में खेलों के प्रोत्साहन तथा खिलाडि़यों को आगे ले जाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी है और उन्हीं की सोच के अनुरूप बनाई गई राज्य सरकार की खेल नीति से प्रदेश में नई खेल संस्कृति विकसित हो रही है।
कैप्टन यादव ने कहा कि प्रदेश में खिलाडि़यों के लिए अच्छी खेल सुविधाएं और बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदान किया जा रहा है, जिससे खिलाडि़यों की मेहनत के बेहतरीन नतीजे भी सामने आ रहे है।
प्रतियोगिता के विजेता खिलाडि़यों को बधाई देते हुए वन मंत्री ने कहा कि खेल एक भावना है, जो जीने की राह सिखाते है और हार-जीत एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। उन्होंने कहा कि एक खिलाड़ी अपने परिवार, प्रदेश और देश का नाम रोशन करता है। आज जो बच्चा शिक्षा में आगे नहीं बढ़ पाता, खेलों में अच्छा प्रदर्शन करके नाम और पैसा कमा सकता है। उन्होंने कहा कि खेल एवं वन सेवा का भी आपस में गहरा संबंध है क्योंकि वन कर्मियों के लिए जंगल की मुश्किल भरी जीवन शैली में खुद को हमेशा तरोताजा, चुस्त-दुरुस्त और सेहतमंद बनाना जरूरी है और यह सिर्फ खेलों से जुड़ कर ही संभव है। समारोह के दौरान रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री हुड्डा ने 20वीं अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता पर वन विभाग की एक स्मारिका का विमोचन भी किया। वन मंत्री कैप्टन यादव ने श्री हुड्डा एक स्मृति चिह्न भेंट किया।
पांच दिवसीय इन प्रतियोगिता में कुल 34 टीमों ने हिस्सा लिया और हरियाणा 13वें स्थान पर रहा। हरियाणा के खिलाडि़यों ने चार स्वर्ण, एक रजत तथा 10 कांस्य पदकों के साथ कुल 15 पदक जीते। प्रतियोगिता में कुल 66 पदक जीतकर छत्तीसगढ़ ओवरआल विजेता बना। छत्तीसगढ़ ने 27 स्वर्ण, 16 रजत तथा 23 कांस्य पदक जीते। मध्यप्रदेश 22 स्वर्ण, 16 रजत एवं 22 कांस्य सहित 60 पदकों के साथ दूसरे तथा उत्तराखंड 20 स्वर्ण, 24 रजत एवं 10 कांस्य सहित कुल 54 पदकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा।