चंडीगढ़ - हरियाणा की सरकार ने प्रदेश को टोल फ्री करने की तैयारी शुरू कर दी है। इस बारे में केंद्र सरकार के साथ भी विचार चल रहा है। बुधवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में होने वाली हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में इस मुद्दे पर विचार-विमर्श हो सकता है। वहीं कुछ नये टैक्सों की मार भी पड़ सकती है।
बैठक में उद्योग विभाग से जुड़ी कुछ वस्तुओं को टैक्स के दायरे में लाया जा सकता है। केंद्रीय वित्त मंत्री की सिफारिशों के अनुरूप राज्य सरकार प्रदेश में प्रॉपटी टैक्स को खत्म करके इसकी जगह हाऊस टैक्स लागू कर सकती है। वहीं राज्य सरकार इस कोशिश में भी जुटी है कि केंद्रीय सडक़ एवं परिवहन मंत्रालय से चर्चा करके इस बारे में कोई निर्णायक फैसला लिया जाए। दरअसल प्रदेश में नेशनल हाईवे पर लगाए गए टोल टैक्स को लेकर लोगों द्वारा लगातार विरोध किया जा रहा है।
पूर्व की हुड्डा सरकार ने तो इसके लिए केंद्र सरकार को पत्र भी लिखा था लेकिन केंद्र की ओर से जब कोई सकारात्मक जवाब नहीं आया तो सरकार ने अपने स्तर पर टोल टैक्स में छूट देने का फैसला लिया था। टोल टैक्स में छूट के कारण टोल प्लाजा कंपनियों को होने वाले नुकसान की भरपाई सरकार ने अपने खजाने से करने की घोषणा की थी। सूत्रों का कहना है कि इस बारे में सभी टोल प्लाजा के अलावा इनसे गुजरने वाले वाहनों का डॉटा तैयार किया जा रहा है।
सरकार इस कोशिश में है कि डीजल पर तीन से चार पैसे प्रति लीटर और इसी तरह से पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी करके लोगों को टोल टैक्स से राहत दी जाए। डीजल एवं पेट्रोल पर तीन से चार पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी से ही सरकार को रोजाना करोड़ों रुपये का राजस्व हासिल होगा। मंत्रिमंडल की बैठक में प्रदेश की नयी आबकारी नीति को मंजूरी मिल सकती है। आबकारी एवं कराधान विभाग द्वारा नीति को अंतिम रूप दिया जा चुका है। इस नीति को विभाग के मंत्री देख चुके हैं। मंत्रिमंडल की बैठक में इस पर विचार-विमर्श के बाद इसे घोषित किया जा सकता है।