चंडीगढ़, 12 फरवरी(अभीतक न्यूज़) हरियाणा सरकार ने राज्य परिवहन के कर्मचारियों को 13 फरवरी से हड़ताल पर न जाने का आहवान किया है, क्योंकि मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने उनकी अधिकांश मांगें पहले ही स्वीकार कर ली हैं और शेष मांगों का निरीक्षण किया जा रहा है।
राज्य परिवहन विभाग के महानिदेशक श्री अरूण कुमार ने स्मरण करवाया कि श्री हुड्डा ने 6 फरवरी, 2013 को हरियाणा रोड़वेज वर्कर्स यूनियन, ऑल हरियाणा रोड़वेज वर्कर्स ज्वांईट एक्शन कमेटी, हरियाणा रोड़वेज कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति सहित विभिन्न वर्कर्स यूनियनों के साथ एक बैठक की थी। विस्तृत विचार-विमर्श के उपरान्त बैठक में निर्णय लिया गया और उसी दिन मुख्यमंत्री द्वारा अनेक प्रोत्साहनों की घोषणा भी की गई।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पहले ही हरियाणा रोड़वेज के अनुबंधित या दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी की मृत्यु पर पांच लाख रुपये की एक्सग्रेसिया राहत देने की घोषणा कर चुके हैं और स्थाई रूप से अक्षम होने की स्थिति में अक्षमता पर निर्भर अढ़ाई लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। जुतों के लिए भत्ता भी 600 रुपये से बढ़ाकर एक हजार रुपये और वर्कशॉप कर्मचारियों के लिए रात्रि भत्ता 18 रुपये से बढ़ाकर 40 रुपये कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि एसपीएल ड्राईवर और कंडक्टर की सेवा शर्तों में नियमित करने की तीन वर्ष की वर्तमान अवधि को कम करके दो वर्ष किया गया है।
सरकार हरियाणा रोड़वेज के उन लगभग दो हजार वर्कर्स की सेवाएं नियमित करने के मामले का निरीक्षण कर रही है, जिन्हें वर्ष 1993 की हड़ताल के दौरान प्रारम्भिक तौर पर लगाया गया था और हटा दिया गया था, परन्तु जिन्हें बाद में ड्राईवर या कंडक्टरों की पद्घति पर अदालत आदेशों के तहत वर्ष 2004 में ऑन रोल लिया गया।
हरियाणा रोड़वेज के नियमित कर्मचारी, जिनकी सेवाकाल के दौरान मृत्यु हो जाती है की विधवा को उस कर्मचारी की सेवानिवृत्ति की अवधि तक हरियाणा रोड़वेज की बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा प्राप्त होगी।
हरियाणा रोड़वेज की वर्कशॉप में तकनीकी पदों पर कार्य करने वाले सभी हैल्परों को आईटीआई स्केल दिया जाएगा। इसी प्रकार के और हैल्परों के लिए भी अदालत आदेशों का विस्तार करने के मामले पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2013-14 तक हरियाणा रोड़वेज के बेड़े में वर्तमान 3850 बसों से बढ़ाकर 4500 बसें करके विस्तार किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि वित्त विभाग की विसंगति समिति तुरन्त विसंगतियों का निवारण करेगी। ड्राईवरों की भर्ती में तेजी लाई जाएगी और इसे तीन चार महीनों के भीतर पूरा कर लिया जाएगा।