शिमला । हिमाचल में भारी बारिश व बर्फबारी के चलते मार्च माह के दौरान वर्षों पुराने रिकार्ड टूट गए हैं। सोमवार के प्रदेश के मध्यम व ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जहां भारी हिमपात हुआ है, तो वहीं मैदानी क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश रिकार्ड की गई है। इसके चलते फिर से अधिकतम व न्यूनतम तापमान में गिरावट आई है और प्रदेश फिर से शीतलहर की चपेट में आ गया है। कड़ाके की ठंड के चलते प्रदेश भर में जन जीवन अस्तव्यस्त हो गया है। बर्फबारी के चलते प्रदेश भर में 242 मार्गों सहित करीब 150 बस रूट प्रभावित हुए हैं। प्रदेश के जनजातीय और ऊचाई वाले क्षेत्रों में तो लोग घरों में कैद हो गए है।
सोमवार को प्रदेश के लगभग सभी क्षेत्रों में सन्नाटा पसरा रहा और लोग काफी कम संख्या में सडक़ों व बाजारों में देखने को मिले। खराब मौसम को देखते हुए प्रदेश के अधिकांश जिलों में सभी स्कूलों में आठ मार्च तक अवकाश घोषित कर दिया गया है। सोमवार को प्रदेश के कल्पा में 65.0, केलांग में 61.0, रोहड़ू में 10.0 और शिमला में करीब 7-8 सेंटीमीटर बर्फबारी दर्ज की गई। इसके अलावा रेणुका में सबसे अधिक 149.0 मिली मीटर बारिश रिकार्ड की गई। कंडाघाट में 122.0, धर्मपुर में 120, कसौली में 119 और नाहन में 116.0 मिली मीटर बारिश आंकी गई। मौसम विभाग के निदेशक डा. मनमोहन सिंह ने बताया कि आगामी दिनों में भी राहत की कोई उम्मीदे नहीं है। मैदानी क्षेत्रों में चार से छह मार्च के दिनों को छोडक़र शेष हिमाचल में आठ मार्च तक बर्फबारी व बारिश का सिलसिला चलता रहेगा।