पंचकूला - प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए पहले से तैयार की गई योजना कठिन परिस्थितियों में बचाव की दिशा में अहम भूमिका निभाती है। ऐसा करने से जान-माल की काफी हद तक सुरक्षा की जा सकती है। यह बात उपायुक्त विवेक आत्रेय ने सोमवार को जिला सचिवालय के सभागार में हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान हीपा द्वारा जिला आपदा प्रबंधन योजना पर आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला के शुभारंभ अवसर पर कही। उन्होंने कहा कि पहले योजना तैयार करने से यह जानकारी रहती है कि आपदा के समय किन तरीकों व उपकरणों का प्रयोग करना है।
कार्यशाला आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य आपदा से निपटने के लिए बेहतर योजना तैयार करना ही है। उन्होंने कहा कि जिला राजस्व विभाग की आपदा प्रबंधन में अहम भूमिका होती है। विभाग को योजना के बारे में पहले से पूरी जानकारी होनी चाहिए। श्री आत्रेय के अनुसार आपदा एक ऐसी घटना है, जो मानव या प्रकृति निर्मित होती है और अचानक आती है। इससे व्यक्ति, वस्तु और वातावरण को काफी नुकसान पहुंचता है। आपदा से जीवन की क्षति होती है व सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है। उत्पादन में कमी व जरूरी सेवाएं ठप हो जाती हैं।
इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त एवं नगर, निगम आयुक्त एसपी अरोड़ा आपदा से पूर्व परिवार व खुद की सुरक्षा संबंधी जानकारी दी। आपातकालीन टेलीफोन नंबरों की सूची घर व कार्यालय में रखें। आपदा आने पर घर के बाहर निकलने वाले दो सबसे सुरक्षित रास्ते तय करके रखें। कार्यशाला में हीपा के महानिदेशक आरएस दलाल कोर्स निदेशक डा. अभय कुमार श्रीवास्तव, अतिरिक्त कोर्स निदेशक भुवन कुमार, शोध अधिकारी लक्षिका एवं प्रियंका शर्मा ने अधिकारियों को आपदा प्रबंधन के बारे में जानकारी दी।