चंडीगढ़ - हरियाणा सरकार प्रदेश के सभी अस्पतालों को जल्द ही ऑनलाईन करने जा रही है। इसके लिए विभाग साफ्टवेयर तैयार कर रहा है। इस प्रणाली के लागू हो जाने से सरकारी अस्पताल में आने वाले मरीज का ऑनलाईन डाटा तैयार हो जाएगा, जिसके बाद प्रदेश के किसी भी अस्पताल से मरीज के ईलाज संबंधी जानकारी प्राप्त की जा सकेगी।
हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने आज महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक में आयोजित हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के कार्यक्रम में यह जानकारी दी। कार्यक्रम में उपस्थित चिकित्सकों को सम्बोधित करते हुए विज ने कहा कि प्रदेश सरकार लोगों को किफायती दरों पर बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाना चाहती हैं। अस्पतालों में आने वाले मरीजों किसी भी स्थान से देखा जा सकने वाला डाटा तैयार करने के लिए जल्द ही प्रदेश के सभी अस्पतालों को आनलाईन जोड़ा जाएगा। इससे मरीज के प्रदेश के किसी भी अस्पताल में ईलाज के लिए केवल एक बार आने से उसका डाटा तैयार हो जाएगा, जिसमें मरीज की बीमारी, उसको दी गई दवाईयां और उस बीमारी से सम्बंधित टैस्ट रिपोर्टस की जानकारी होगी। उन्होंने बताया कि किसी दूसरे अस्पताल से भी इस जानकारी को प्राप्त कर उस मरीज का बेहतर ईलाज किया जा सकेगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार की जिला के सभी अस्पतालों में संचालित लैब में भी सभी तरह के टैस्ट की सुविधा उपलब्ध करवाने की योजना है ताकि लोगों को किसी भी प्रकार के टैस्ट के लिए बाजार में न जाना पड़े। उन्होंने कहा कि सरकार की योजना है कि प्रत्येक जिला में कम से कम एक डायलेसिज टैस्ट की मशीन जरूर लगाई जाए। साथ ही विभाग को निर्देश जारी किए गए हैं कि थैलीसिमिया के मरीजों की पहचान की जाए और उनकी जरूरत के मुताबिक सभी ब्लड बैंकों में उनके लिए हर वक्त खून उपलब्ध रहे।
विज ने बताया कि विभाग में जल्द ही फाइल मानिटरिंग एवं टै्रकिंग सिस्टम लागू होने जा रहा है, जिसका मास्टर पासवर्ड स्वयं उनके पास होगा और इस प्रणाली को सिविल सर्जन स्तर तक प्रयोग किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी फाइल को एक हफ्ते से ज्यादा न रोका जाए।
उनकी कोशिश है कि ऐसी प्रणाली बनाई जाए, जिससे अगर किसी स्थान पर फाईल एक हफ्ते से ज्यादा रूकती है तो उनके कार्यालय में बजर बज जाए। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पिछले कई वर्षों से लम्बित पड़ी एसीपी, एसीआर और अन्य शिकायतों की फाईलों को एक महीने के समय में निपटाने के आदेश भी दिए गए हैं।