चंडीगढ़, 12 फरवरी(अभीतक न्यूज़)- हरियाणा बाल कल्याण परिषद की उपाध्यक्ष व मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी आशा हुड्डा ने कहा कि कला में जाति-धर्म, भाषा व क्षेत्रवाद की कोई भी सीमा नहीं होती। कला सपने देखना सिखाती है और अगर अच्छा प्रशिक्षण मिलने से कला में चार चांद लग जाते हैं। किसी भी भाषा का एक अच्छा संगीत किसी भी व्यक्ति के दिल को छूकर झूमने को मजबूर कर देता है।
श्रीमती हुड्डा आज इंटीग्रेटिड कांप्लेक्स स्थित स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फाइन आटर्स में दस दिवसीय राष्ट्रीय स्कल्पचरल कैंप के शुभारंभ कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रही थी।
उन्होंने कहा कि आज बच्चों को लकीर के फकीर वाली शिक्षा पद्घति से आगे निकालना होगा। आर्ट, कामर्स व विज्ञान जैसे परंपरागत विषयों के अलावा भी कला व संगीत जैसे क्षेत्रों में बेहतर भविष्य की संभावनाएं छिपी हुई हैं। उन्होंने कहा कि कई बच्चे परंपरागत विषयों में नहीं जाना चाहते लेकिन उनमें कई तरह की दूसरी प्रतिभाएं छिपी होती हैं। इसलिए यह अभिभावकों की जिम्मेदारी है कि वह उनकी उस प्रतिभा को पहचानकर उन्हें उस दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करे। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी बहुत सपने देखती है और ऐसे में बड़ी पीढ़ी को उनकी खामियां निकालने की बजाए उन्हें कला सहित दूसरे क्षेत्रों में आगे बढ़ने की प्रेरणा देनी चाहिए। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद बच्चों को बधाई देते हुए कहा कि वह सौभाग्यशाली हैं कि वह एक अच्छे इंस्टीट्यूट में आए हैं जहां प्रदेश सरकार द्वारा उन्हें दुनिया की सबसे बेहतर सुविधाएं मुहैया करवाई हैं।
उन्होंने कहा कि इस शिविर में देशभर से आए विख्यात मूर्तिकारों द्वारा बच्चों को मूर्तिकला की शिक्षा दी जाएगी। उन्होंने बच्चों से कहा कि वह इस मौके का पूरा फायदा उठाएं और जीवन में ऊंचे मुकाम पर पहुंचते हुए देश व समाज का नाम रोशन करें। उन्होंने बच्चों से कहा कि वह अपने संस्कारों को भी न भूलें।
इस अवसर पर रोहतक के उपायुक्त विकास गुप्ता ने कहा कि मूर्तिकला के क्षेत्र में भारत पूरे विश्व में सबसे अग्रणी राष्ट्र है। मोहनजोदड़ो और हडप्पा काल से ही यहां मूर्तिकला की परंपरा रही है। उन्होंने कहा कि इसके बाद भी मूर्तिकला में निरंतर विकास होता रहा है। यहां के प्राचीन भवनों व मंदिरों में मूर्तिकला की अनूठी मिशाल मिलती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरकार द्वारा उच्च गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। रोहतक में स्थित यह इंटीग्रेटिड कांप्लेक्स भी इसी का एक उदाहरण है। उन्होंने कार्यक्रम में पहुंचने पर मुख्य अतिथि व देशभर के विभिन्न हिस्सों से आए कलाकारों का स्वागत करते हुए कहा कि इससे यहां के बच्चों को मूर्तिकला के बारे में सीखने का अच्छा अवसर मिलेगा।
इस अवसर पर कैंप के चेयरमैन डीएस कपूर ने अतिथि का धन्यवाद किया और कैंप के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर मुख्यअतिथि श्रीमती आशा हुड्डा ने देश के विभिन्न हिस्सों से आए कलाकारों को सम्मानित भी किया। इस राष्ट्रीय स्कल्पचरल कैंप में तमिलनाडू के कलाकार श्रीनिवासन, दिल्ली के श्रीकांत पांड्ेय, कौशल कुमार, एसएम सईद, गुजरात से आए दीपक खत्री, विनोद पटेल, जम्मू कश्मीर से आए चंद्र प्रकाश, महाराष्ट्र से आए दत्तात्रेय कुंबले, राजस्थान से पहुंचे लक्ष्मी नारायण नागा और रतन सिंह, गवालियर से आए श्रीराम विश्वकर्मा और दिनेश प्रजापति, श्रीनगर से सोनू अग्रवाल, हरियाणा के मनीष खरे यहां के विद्यार्थियों को मूर्ति कला के बारे में प्रशिक्षण देंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के अतिरिक्त राजनैतिक सचिव जेके मल्होत्रा सहित फैक्लटी के सदस्यगण व विद्यार्थी मौजूद थे।