कैथल (राजकुमार अग्रवाल) - आगामी 18 मार्च को किसानों के हकों को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित की जाने वाली राष्ट्रीय स्तर की किसान महापंचायत को सफल बनाने के लिए गढ़ी गांव का दौरा करके भारतीय किसान यूनियन के नेताओं ने दिल्ली कूच करने का जोरदार आह्वान करते हुए पेट्रोल पर वेट लगाए जाने पर राज्य की भाजपा सरकार की जोरदार निंदा की। किसान नेताओं ने मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर पर किसान विरोधी होंने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा की किसान विरोधी नीतियों की वजह से किसान बर्बाद हो रहा है।
गत धान के खरीद सीजन में धान की लुटवाई होना, गेंहू की फसल के लिए सही समय पर यूरिया खाद की जगह किसानों को पुलिस की लाठियों से पिटवाना, भू-अधिग्रहण कानून को बदलने सहित कई प्रमाण सामने है। गांव गढ़ी की जाट पट्टी वाली चौपाल में किसानों ने केंद्र में शासित मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। भाकियू के जिला महासचिव बनी सिंह राणा ने किसान पंचायत को संबोधित करते हुए कहा कि शांता कुमार हाई पॉवर कमेटी की रिपोर्ट लागू न करने, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करने, दिसम्बर-2014 भू-अधिग्रहण अध्यादेश निरस्त करने, किसान-मजदूर को कर्ज मुक्त करने के साथ जीरों प्रतिशत पर कर्ज देने, मनरेगा को कृषि के साथ जोडऩे, जीएम बीजों का ट्रायल बंद करने, गन्ने की बकाया रकम का भुगतान करने सहित कई मांगो को लेकर एक बार फिर देशभर का लाखों किसान लामबंद होकर दिल्ली कूच की तैयारी कर रहे है।
किसान नेता राणा ने कहा कि कैथल जिला से दिल्ली कूच में कई हजार किसान भाग लेकर अपने हकों को लेने की मांग करेगें। उन्होंने कहा कि भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत, पंजाब के प्रधान अजमेर सिंह लक्खोवाल, हरियाणा के अध्यक्ष रतनमान, ए.आई.सी.सी.एफ.एम के महासचिव युद्वबीर सिंह, एनसीआर के प्रधान राजबीर सिंह, कर्नाटक के प्रधान के.टी गंगाधर, तामिलनाडू के प्रधान राजारींगा किसान आंदोलन की अगुवाई करेगें। इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष सुखपाल मोठसरा, प्रदेश कोषाध्यक्ष सतपाल दिलोंवाली, केहर सिंह, मंदीप सिंह, कपिल कुमार, रोहताश, चन्द्रभान, टेकचंद, राजेंद्र सिंह, जगदीश चंद, मक्खन सिंह, रामकुमार, जयपाल सिंह, कृष्ण कुमार सहित कई किसान मौजूद थे।