शिमला। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में पौंग बांध के आसपास दलदली भूमि (वेटलैंड) में 93 प्रजातियों के 1,30,000 से अधिक पक्षी देखे गए हैं। यह संख्या पिछले साल देखे गए ऐसे पक्षियों की कुल संख्या 1.28 लाख से 7,000 अधिक है।
बहरहाल, राज्य के वन्यजीव विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रजातियों के मामले में यह संख्या घट कर 93 रह गई, जबकि पिछले साल 119 प्रजातियों के 1.28 लाख पक्षी देखे गए थे। इन अधिकारियों ने जलीय पक्षियों की दो दिवसीय सालाना गणना कल पूरी की। ये जलीय पक्षी अपने रहने और खाने के लिए जल इकाइयों पर ही निर्भर करते हैं। पौंग बांध की दलदली भूमि उत्तर भारत में मानव निर्मित सबसे बड़ी दलदली भूमि में से एक है। यहां हर साल जाड़ों में साइबेरिया और पश्चिम एशिया जैसे दूरस्थ इलाकों से बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी आते हैं।
इस साल पौंग बांध की दलदली भूमि में आए प्रवासी पक्षियों में सिर पर काली धारियों वाली 71,800 बत्तखें, 11,800 उत्तरी पिनटेल, 9,500 सामान्य बत्तखें, 8,100 टील बत्तखें, 6,900 पोचार्ड बत्तखें, 5,700 छोटी कॉर्मोरैन्ट बत्तखें, सिर पर कलगी वाली 2,800 टफ्ट बत्तखें, 2,800 रूडी शेलडक और 2,400 बड़ी कॉर्मोरैन्ट बत्तखें शामिल हैं। झील में आई अन्य प्रजातियों में 52 ग्रेटर व्हाइट फ्रंटेड गीज, 42 पाइड एवोसेट, नौ ऑस्प्रे, पांच सारस क्रेन, पांच ब्लैक बेलीड टेर्न, दो कॉमन शेलडक, दो बफ बेलीड पाइपिट, दो वाटर पाइपिट और एक लिटिल गल शामिल हैं। इनके अलावा ग्रेट क्रेस्टेड ग्रेब, ग्रेलेग गूज, रेड क्रेस्टेड पोचार्ड, फेरूजीनस पोचार्ड, कॉमन मेरगेन्जर, यूरेशियन स्पूनबिल, गारगेनी तथा लॉन्ग बेलीड पाइपिट को भी दलदली भूमि में देखा गया।