नूरपुर(कांगडां) - नूरपुर के जेएमआईसी कोर्ट नं. 2 दिव्य ज्योति पटियाल की अदालत ने सदवां पंचायत के पूर्व प्रधान के साथ मारपीट करने पर सदवां के मौजूदा प्रधान को दोषी करार देते हुए 6 माह की कैद तथा 1 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।
मामले की जानकारी देते हुए सहायक जिला न्यायवादी केएस जरियाल ने बताया कि 19 अगस्त, 2003 को सदवां पंचायत में ओम प्रकाश, मुलख राज, मस्या देवी व दिलदार सिंह ने गांव में एक सार्वजनिक रास्ता बंद कर दिया था। उसके बाद गांव की महिलाओं व बच्चों ने आरोपियों द्वारा बंद किए रास्ते को खोल दिया जिसके चलते आरोपियों ने रास्ता खोलने वाली महिलाओं तथा बच्चों के साथ मारपीट की।
उसके बाद जब पीडि़त महिलाओं व बच्चों ने इस बारे उस समय के प्रधान रमेश कालिया को फोन पर सूचित कर आपबीती सुनाई तो तत्कालीन प्रधान ने पुलिस को सूचित किया। जब सदवां निवासी प्रताप शुक्ला (जो इस समय मौजूदा प्रधान है) को इस बात का पता चला कि रमेश कालिया ने पुलिस को सूचित किया है तो उसने (प्रताप शुक्ला) अपने साथियों के साथ दुकान में बैठे पूर्व प्रधान रमेश कालिया को दुकान से घसीट कर बाहर निकाला तथा पीटना शुरू कर दिया।
फिर उसके बाद एक गाड़ी में बैठा कर नूरपुर की तरफ ले जाने लगे। उसी दौरान पूर्व प्रधान को जबरन शराब भी पिलाई गई। जब प्रताप शुक्ला तथा उसके साथी पूर्व प्रधान रमेश कालिया को ले जा रहे थे तो लेतरी क्षेत्र के पास पुलिस ने गाड़ी को रोका और सब लोगों को थाने ले जाया गया। तत्कालीन प्रधान रमेश कालिया की शिकायत पर प्रताप शुक्ला, ओम प्रकाश, मस्या देवी, दिलदार सिंह, मुलख राज के खिलाफ 19 अगस्त को आईपीसी की धारा 147, 148, 149, 325, 342, 506 के तहत मामला दर्ज किया गया था।
सहायक जिला न्यायवादी ने बताया कि इस मामले में 17 गवाहों की गवाही के बाद आरोपी प्रताप शुक्ला को 323 की धारा के लिए 6 माह तथा 325 धारा के लिए 6 माह व एक हजार के जुर्माने की सजा सुनाई गई है जबकि बाकी के आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया है।