नयी दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को पंजाब और हरियाणा को सुझाव दिया कि वे नकद या अतिरिक्त बिजली देकर हिमाचल प्रदेश सरकार को क्षतिपूर्ति कर सकते हैं। शीर्ष अदालत ने यह सुझाव सितंबर 2011 में भाखड़ा व्यास मैनेजमेंट बोर्ड परियोजना से बिजली आपूर्ति संबंधी फैसले को लागू करने के संबंध में कही।
जस्टिस एस जे मुखोपाध्याय और एनवी रमन की खंडपीठ ने तीनों राज्यों के बिजली सचिवों से कहा कि इस प्रस्ताव को उपयुक्त स्तर पर ले जायें- चाहे यह ऊर्जा मंत्री का हो या मुख्यमंत्री या मंत्रिपरिषद का, और मुआवजे के भुगतान के लिए रास्ता निकालें। सुप्रीमकोर्ट ने कहा कि नकद राशि व बिजली मुआवजा 50-50 के अनुपात में हो सकता है। केस की अगली सुनवाई 17 फरवरी को होगी।