गोहर (मंडी) - शिकारी देवी पहाड़ी पर बर्फ में सैंकड़ों मवेशियों के बर्फ में दबने से मौत हो गई है। घटना के बाद घाटी में सनसनी फैल गई है। वाइल्ड लाइफ विभाग के साथ प्रशासन भी सकते में आ गया है। उधर, पीपल फार एनिमल ने मामले की रिपोर्ट मेनका गांधी को प्रेषित कर दी है और उचित जांच की मांग उठाई है। बताया जा रहा है कि बर्फ में दफन हुए मवेशियों में अधिकतर गऊएं हैं।
बीते शुक्रवार को प्रशासन को सूचना मिलने के बाद एसडीएम ने एक टीम का गठन करके इसे शिकारी देवी पहाड़ी में बचाव कार्य के लिए भेजा। जिसने कुछ मवेशियों को सुरक्षित निकाल दिया है मगर बर्फ में संैकड़ों अन्य मवेशियों के दफन होने की आशंका से भी इंकार नहीं किया जा रहा है। बर्फ की पहाड़ी पर गए बचाव दल को जंगली जानवरों द्वारा नोचे दर्जनों क्षत-विक्षिप्त पशुओं के अवशेष मिले हैं।
शिकारी देवी पहाड़ी पर जंगली जानवरों भालू और तेंदुए ने दर्जनों मवेशियों जिनमें गाय, बैल और बछड़े बताए जा रहे हैं मौत के घाट उतारा है। बताया जा रहा है कि अनेक मवेशी अभी भी बर्फ में दफन हैं जो जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। शिकारी देवी पहाड़ी पर पिछले दिनों अचानक ढोल-नगाड़ों की आवाज लोगों को सुनाई दी। इसके बाद ग्रामीण मौका पर गए और 6 फुट बर्फ में सैंकड़ों मवेशियों को मरा और फंसा देखा। बताया जा रहा है कि बचाव दल ने जामुथाट और टकलेहडा गुच्चर में कुछ मवेशियों को सुरक्षित पहुंचाया है।