शिमला। पहाड़ों के लिए बर्फबारी हमेशा ही वरदान रही है। फिर चाहे ये बर्फबारी फलों व फसलों को होने वाले फायदे के तौर पर देखी जाए या पर्यटन के तौर पर। लेकिन इस बार हिमाचल में बर्फबारी खासकर पर्यटन के लिए नुकसानदेह साबित हुई और इस नुकसान में आग में घी डालने का काम प्रदेश सरकार ने ही कर डाला।
15 दिसंबर को प्रदेश में हुई व्यापक वर्षा और बर्फबारी से जहां प्रदेश के पर्यटन उद्योग को भारी उम्मीदें जगी थी वहीं प्रदेश सरकार न केवल इस बर्फबारी से निपटने में पूरी तरह नाकाम रही बल्कि उसने प्रदेश में शीतकालीन पर्यटन सीजन का ये एडवाइजरी जारी कर बंटाधार कर दिया कि पर्यटक फिलहाल हिमाचल न आएं ताकि उन्हें बर्फबारी के कारण दिक्कतें न झेलनी पड़ें। प्रदेश सरकार की इसी एडवाइजरी का नतीजा है कि शिमला, मनाली, धर्मशाला, डलहौजी और चंबा जैसे पर्यटक स्थलों पर इस साल दिसंबर महीने के दौरान औसतन तीस फीसदी कम पर्यटक पहुंचे जिसका पर्यटन उद्योग पर काफी विपरीत असर पड़ा है।
दूसरी ओर शिमला टूरिम इंडस्टरी स्टेक होल्डर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष एमके सेठ का कहना है कि अब प्रदेश के पर्यटन की सारी उम्मीदें आने वाले दिनों में होने वाली बर्फबारी और लम्बे सप्ताहांत पर टिकी हैं। गणतंत्र दिवस के आसपास इस बार कई दिनों की छुट्टियां एक साथ आ रही है। ऐसे में उम्मीद है कि इन छुट्टियों में पर्यटक हिमाचल का रुख अवश्य करेंगे।