शिमला - हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने प्रदेश में दृष्टिबाधित लोगों को स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में पढ़ाई के लिए आवश्यक सुविधाएं सरकार की ओर से उपलब्ध न करवाए जाने पर कड़ा संज्ञान लिया है।
हाईकोर्ट के मुख्य न्यायधीश न्यायमूर्ति मंसूर अहमद मीर और न्यायमूर्ति तरलोक सिंह चौहान की खण्ड़पीठ ने आज इस सम्बंध में एक जनहित याचिका पर स्वत: संज्ञान लेते हुए प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव, प्रधान सचिव शिक्षा, विश्वविद्यालय कुलपति और रजिस्ट्रार को नोटिस जारी किए हैं तथा स्कूलों,कालेजों और विश्वविद्यालय में दृष्टिबाधित छात्रों की पढ़ाई के लिए सुविधाओं की कमी के लिए 31 दिसम्बर तक जबाव मांगा है।
इस सम्बंध में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की एक छात्रा बबिता राणा ने मुख्य न्यायधीश को पत्र लिखा था। इस पत्र में बबिता राणा ने प्रदेश में दृष्टिबाधित लोगों के लिए हर स्तर पर पढ़ाई के लिए सुविधाओं की कमी का उल्लेख किया है।