पालमपुर - चौधरी सरवण कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर और मंगोलियन जीव विज्ञान विश्वविद्यालय ने कृषि शिक्षा, अनुसंधान व प्रसार के संबंध में विकास का तानाबाना बुना है। दोनों देशों के विवि ने कुछ महत्वपूर्ण फैसले भी लिए हैं और कुछ को दोनों देशों की सरकारों की स्वीकृति पर छोड़ दिया है। दोनों विवि स्तर पर कमेटियां गठित होंगी जो आपस में हस्तांतरित होने वाली तकनीक व छात्र शिक्षा व अन्य बातों पर निगाह रखेंगी और समय-समय पर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगी।
मंगोलिया के 20 विद्यार्थी हिमाचल प्रदेश चौधरी सरवण कुमार कृषि विवि में शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे। इसके अलावा वर्ष 2015 में दोनों देशों के वैज्ञानिकों की कार्यशाला आयोजित होगी। मंगोलिया के दो सदस्यीय दल ने हिमाचल प्रदेश कृषि विवि के विभिन्न अनुसंधान केंद्रों का भी दौरा किया। चौधरी सरवण कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विवि तथा मंगलोलियन जीव विज्ञान विवि ने आस-पास में शिक्षा अनुसंधान व प्रसार में परस्पर सहयोग करने का फैसला लिया है।
अनुसंधान तथा शिक्षा के लिए एक दूसरे के विवि में वैज्ञानिक व विद्यार्थी भेजने पर भी बैठक में सहमति हुई। मंगोलियन विवि अध्यक्ष डॉ. टी खैरूगा तथा अंतराष्ट्रीय मामलों के मुख्य प्रशासक डॉ. सुख तुलग ने कृषि विवि के कुलपति डॉ. केके कटोच व अन्य अधिकारियों संग बैठक की। कुलपति डॉ. केके कटोच ने डॉ. खैरूगा के दस विद्यार्थियों को यहां भेजने के आग्रह को स्वीकार कर लिया है।
शिक्षा अनुसंधान व प्रसार में मंगोलिया विवि को हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। इसके अलावा जैविक खेती के साथ-साथ मंगोलिया के लिए पानी के सदुपयोग, जैविक खेती और उसके विपणन पर सहयोग पर भी चर्चा की गई।