हिसार - हिसार पुलिस एक ओर जहां सतलोक आश्रम के मुखिया से कड़ी पूछताछ कर रही है, वहीं उसके करीबियों पर भी लगातार शिकंजा कसा जा रहा है। अब तक कुल 865 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और इन पर देशद्रोह का मुकदमा लगाया गया है। बताया जा रहा है कि कुछ और लोगों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी की तैयारी की जा रही है।
आईजी ने बताया कि देशद्रोह के मामले में गिरफ्तार छत्तीसगढ़ के लोगों की सूची वहां की पुलिस को भेजकर यह पुष्टि की जाएगी कि वे वहां नक्सली गतिविधियों में संलिप्त तो नहीं थे। उधर, पुलिस के सवालों का रामपाल की ओर से बड़ी चतुराई से जवाब दिया जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक रामपाल का कहना है, ‘सतलोक आश्रम से पुलिस पर जो पत्थरबाजी व पेट्रोल बम फेंके गये उससे मेरा कोई वास्ता नहीं, जो कमांडो छतों पर खड़े थे वे मेरे नहीं थे और न ही मैं उनको काई आदेश देता था।’ राज उगलवाने के लिये बेशक पुलिस के पास अभी चार दिन बाकी हैं, लेकिन उसके जवाब देने की शैली से लगता है मानो गिरफ्तारी से पहले रामपाल ने कानून के हर पहलू को समझ लिया हो।
सिविल लाइन थाने में पुलिस कर्मचारियों व अधिकारियों के सवालों का वह ठीक से जवाब नहीं दे रहा है। सूत्रों की मानें तो रामपाल से पूछताछ करने के बाद जब पुलिस अधिकारी थाने से चले जाते हैं तो फिर पुलिस कर्मी सवाल करते हैं। बताया जाता है कि रामपाल पहले तो पुलिस कर्मियों को बेटा कहता है, लेकिन पुलिस के सख्त होते ही साहब कहकर पुकारने लगता है। रामपाल के नौ साथियों से भी की कड़ी पूछताछ : रिमांड पर लिए गए रामपाल के नौ साथियों से भी पुलिस ने शुक्रवार को कड़ी पूछताछ की।
हालांकि अभी तक पुलिस ने इनसे किसी तरह की बरामदगी की पुष्टि नहीं की है। पुलिस ने बताया कि बृहस्पतिवार को रोहतक निवासी रमेश, रामकुमार, रोहतक के सुडाना गांव निवासी रविंद्र, धीरणवास गांव निवासी रामअवतार, करोंथा निवासी धर्मेंद्र, सोनीपत निवासी जितेंद्र, हिसार के सेक्टर 15 निवासी सिद्धार्थ, बरवाला निवासी बलजीत व कुरुक्षेत्र निवासी पुरुषोतम को तीन दिन के रिमांड पर लिया था। इन सभी को रविवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
रामपाल को जब बृहस्पतिवार रात थाने में लाया गया तो वह रातभर न बोला, न सोया और न ही उसने कुछ खाया-पीया। रामपाल ने सुबह सात बजे और दस बजे चाय पी और दोपहर को चार फुलके व मूंग की दाल ली। आश्रम में लग्जरी, अल्ट्रा-कम्फर्ट गद्दों पर बैठने वाले रामपाल को थाने की सलाखों में शरीर को चुभने वाले काले रंग के कंबल के ऊपर बिठाया गया। हवालात में एक कंबल ओढक़र उसने रात बिताई। एक पुलिस कर्मचारी ने बताया कि जब रामपाल से पूछा कि ऐसा क्यों किया तो उसने जवाब दिया कि ‘विनाशकाले विपरीत बुद्धि।’ हिसार बार एसोसिएशन के प्रधान सुरेंद्र ढुल ने बताया कि रामपाल के केस में हिसार बार का कोई भी सदस्य पैरवी नहीं करेगा।
यह फैसला एसोसिएशन की आम सभा में सर्वसम्मति से लिया गया। उन्होंने कहा यदि कोई इस फैसले का उल्लंघन करता है तो उस पर बार सख्त कार्रवाई करेगा। इसी फैसले के बाद हांसी बार ने भी ऐसा ही फैसला कर लिया है। हालांकि उन्होंने बताया कि लीगल एड के तहत कोई भी वकील उनकी पैरवी कर सकता है क्योंकि यह कानूनी पहलू है जिसका हम विरोध नहीं करेंगे। रामपाल की गिरफ्तारी के बाद करीब आठ हजार श्रद्धालुओं को निकालने के बाद पुलिस ने शुक्रवार को आश्रम पूरी तरह से खाली कर दिया।
हालांकि अब भी इक्का-दुक्का लोग छिपे हुए मिल रहे हैं। शुक्रवार को यहां एक महिला व एक व्यक्ति छिपे हुए मिले। पुलिस आश्रम को सील करने से पहले पूरी जांच करेगी कि यहां पर कोई छिपा तो नहीं है। उधर, आश्रम में सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस को दो दर्जन राइफल, पेट्रोल बम व कुछ कारतूस मिले हैं। उपायुक्त डॉ. एमएल कौशिक, आईजी अनिल कुमार, लॉ एंड ऑर्डर एडीजीपी मोहम्मद अकिल, एसडीएम प्रशांत अटकान, एसपी सतेंद्र गुप्ता भी आश्रम में पहुंचे।
कौशिक ने सुबह आश्रम का दौरा किया, जबकि आईजी व एडीजीपी यहां दोपहर बाद पहुंचे थे। पुलिस को जिन सवालों का जवाब चाहिए उनमें प्रमुख सवाल हैं किस-किस आरोपी के पास हथियार है?-किस-किस ने पुलिस पर फायरिंग की?, हथियार कहां से लाए गए थे? पेट्रोल बम में किसका हाथ है?, बम बनाने का सामान कहां से लाये?, आश्रम में अन्य क्या गैर कानूनी कार्य चल रहे थे?, आश्रम की आय के साधन क्या हैं?