शिमला - हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के एक अधिकारी द्वारा अपने बेटे के लिए जाली मार्क्सशीट बनाए जाने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। उक्त अधिकारी ने अपने बेटे के लिए विश्वविद्यालय के कंप्यूटर डिविजन से 12 नवंबर की तिथि में एक मार्क्सशीट जारी करवाई। इस मार्क्सशीट के अनुसार बीए फाइनल में बेटे को कुल एक हजार अंकों में से 601 अंक दिए गए थे। बताया जाता है कि इस मार्क्सशीट के आधार पर बेटे ने विश्वविद्यालय में निकले क्लर्कों के पदों के लिए आवेदन कर दिया।
आवेदन के बाद जब मार्क्सशीट को जांचा गया तो परीक्षा शाखा के रिकॉर्ड के अनुसार यह मार्क्सशीट जाली निकली। एसएफआई ने इस सारे मामले की न्यायिक जांच कराए जाने की मांग की है। इस संबंध में जब कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी से संपर्क साधा गया तो उन्होंने बताया कि मामले की जांच के लिए उन्होंने एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। तीन सदस्यीय यह समिति एक हफ्ते के भीतर अपनी रिपोर्ट देगी।