हिसार - सतलोक आश्रम के प्रवक्ता राहुल ने शाम को दावा किया कि पुलिस के लाठीचार्ज में 4 महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई है। इसके बाद आश्रम के प्रवक्ता राज कपूर ने बताया कि मृतकों की संख्या 8 से 10 पहुंच गई है। मरने वालों में महिलाएं और बच्चे हैं। हालांकि वे किसी का नाम नहीं बता पाए। बाद में आश्रम की तरफ से मृतकों की फोटो जारी की गई।
मामले के बारे में जब पुलिस महानिरीक्षक अनिल राव से बात की गई तो उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की मौत की सूचना उनके पास नहीं है। उधर श्रद्धालुओं का कहना था कि पुलिस ने बिना उकसावे के कार्रवाई की।
इस पर रामपाल के कई समर्थक उग्र हो गये। यह देखते ही पुलिस ने आंसू गैस के गोले दाग दिये और आश्रम के बाहर बैठे श्रद्धालुओं पर लाठीचार्ज कर उनको खदेड़ दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के दौरान पुलिसकर्मियों ने महिलाओं पर भी लाठी चलाई और कई को घसीटा भी। इसके बाद आश्रम से कुछ लोग खुद पर पेट्रोल व डीजल डालकर बाहर निकले। उनके पीछे मशाल लेकर कुछ श्रद्धालु पुलिस की तरफ दौड़े। इस पर पुलिस ने फिर लाठीचार्ज कर दिया। वहीं आश्रम की दीवारों पर खड़े लोग पुलिस पर पत्थर और पेट्रोल बम बरसाने लगे। जवाब में पुलिस ने फायर टेंडर से पानी बरसाया और आंसू गैस के गोले दागे।
पुलिस ने जेसीबी से आश्रम की दीवार तीन तरफ से तोड़ दी। इस पर रामपाल समर्थकों ने फायरिंग कर दी। एक पुलिसकर्मी के अनुसार पुलिस ने जब दीवार तोड़ी तो अंदर एक कमरे में एलपीजी के सिलेंडर पड़े थे। यह देखकर पुलिस पीछे हट गयी। इसी दौरान रामपाल समर्थकों ने जेसीबी मशीन को आग लगा दी।
दोपहर करीब 3.30 पुलिस ने कार्रवाई रोकते हुए अनाउसमेंट की कि जो भी श्रद्धालु बाहर आना चाहते हैं उनको आधे घंटे का समय दिया जाता है। इस पर 5-6 लोग ही आश्रम से बाहर आये। यह प्रयास शाम करीब 6 बजे तक चलता रहा।