शिमला - शहरी विकास मंत्रालय ने स्मार्ट सिटीज प्रोजेक्ट के लिए ड्राफ्ट कन्सेप्ट नोट जारी कर दिया है। तीन रोज पहले दिल्ली में शहरी विकास मंत्री वेंकैयानायडु की अध्यक्षता में हुई बैठक में इसे जारी किया गया। विभिन्न राज्यों के साथ अब अंतिम बैठक होगी, जिसमें शहरी विकास मंत्रियों से चर्चा करने के बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। हिमाचल से इस बैठक में शहरी विकास विभाग के आला अधिकारी गए थे। जानकारी मिली है कि हिमाचल ने धर्मशाला व शिमला के लिए दावा पेश किया है। इस कन्सेप्ट नोट के मुताबिक जो 100 शहर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के लिए चुने जाएंगे, उनके लिए निर्धारित किए गए मानदंडों पर हिमाचल सही बैठता है।
मानदंडों के अनुसार सभी प्रदेशों की राजधानियां इस प्रोजेक्ट में शामिल होंगी। इसके अतिरिक्त 17 ऐसे शहर भी शामिल किए जा रहे हैं, जो पर्यटन और धार्मिक रूप से विख्यात हों। शहरों के चयन के दौरान इस बात का भी ध्यान रखा जाएगा कि कुछ शहर पहाड़ी भी हों, इस दृष्टि से शिमला व धर्मशाला खरे उतर सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक कन्सेप्ट नोट में जिन महत्त्वपूर्ण कारकों पर जोर दिया गया है, उनमें इंस्टीच्यूशनल, इन्फ्रास्ट्रक्चर, फिजिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर और सोशल इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रमुख हैं। इनमें प्रशासन, जल आपूर्ति, सफाई व्यवस्था, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और मनोरंजन जैसी आधारभूत सुविधाएं शामिल होंगी।
यही नहीं सूचना प्रौद्योगिकी की मदद से प्रशासन में जनता की भागीदारी बढ़ाने की भी बात कही गई है। शहरी विकास मंत्रालय ने स्मार्ट सिटी पर जो कन्सेप्ट नोट जारी किया है, उसके मुताबिक यह प्रोजेक्ट आगामी 20 सालों में सात लाख करोड़ रुपए की लागत से तैयार होगा।