चंडीगढ़ - हाईप्रोफाइल ज्योति मर्डर केस में आज कोर्ट ने अंतिम फैसला दिया है। कोर्ट ने विधायक रामकुमार चौधरी समेत 12 आरोपियों को रिहा कर दिया है। अदालत का कहना है कि पुलिस विधायक पर लगाए गए आरोपों को साबित नहीं कर पाई है, इसलिए सभी को बरी किया जाता है। अदालत का फैसला आने के बाद कोर्ट परिसर में काफी संख्या में विधायक चौधरी के समर्थक जमा हो गए और नारेबाजी करने लगे।
कोर्ट का फैसला आने के बाद विधायक चौधरी ने कहा कि जब मैंने कोई अपराध किया ही नहीं है तो वह साबित कैसे होगा। नवंबर 2012 में ज्योति की लाश पंचकूला सेक्टर 21 में मिली थी। पुलिस ने इसे हत्या करार देते हुए बूटीराम की शिकायत पर राम कुमार चौधरी उसके साथियों पर विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया था।
ज्योति मर्डर केस में आरोपी दून के विधायक राम कुमार चौधरी की मुसीबत तब बढ़ गई थी जब दिल्ली की श्रीराम फॉरेंसिक लैब की रिपोर्ट में यह कन्फर्म हो गया था कि वारदात की जगह जिन टायरों की राख मिली थी, वह भारी वाहन के थे। अभियोजन पक्ष कहता आ रहा था कि ज्योति का गला घोटने के बाद सिर को भारी वाहन से कुचला गया था, ताकि इसे हादसे का रूप दिया जा सके। बाद में टायरों को जला दिया गया था। 24 दिसंबर 2013 को ज्योति मर्डर केस में ज्योति के पिता बूटीराम ने राम कुमार चौधरी को पहचानने से इनकार कर दिया था। यह भी कह दिया था कि उन्होंने तो चौधरी के खिलाफ पुलिस को कोई बयान ही नहीं दिया है।