मंडी - मंडी मुख्यालय से लगभग 15 किलोमीटर दूर ऊहल नदी का बहाव पहाड़ी गिरने से बंद हो गया है। इस कारण नदी पर आधा किलोमीटर से ज्यादा लंबी झील बन गई है। ऊहल नदी पर झील बनने की सूचना के बाद मंडी जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। प्रशासन ने इस कारण नदी के रास्ते आने वाले कमांद बाजार व गांव को खाली करवा दिया है। लोगों को सुरक्षित जगह पर भेजने के लिए एक स्कूल में व्यवस्था की गई है।
कमांद के गांव के 25 परिवारों में से ज्यादातर लोग अपने परिजनों के पास चले गए हैं। इसके साथ ही नदी किनारे आने वाली झुग्गी-झोंपडिय़ों को भी हटा दिया गया है। हालांकि कमांद से थोड़े ही दूर आईआईटी मंडी का भी परिसर है, लेकिन आईआईटी मंडी को इससे कोई खतरा नहीं बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार कमांद रियागड़ी मार्ग पर मंगलवार रात एक पहाड़ी के धंस जाने से उसका सारा मलबा ऊहल नदी में जा गिरा, जिससे नदी का बहाव रुक गया। इसके चलते ऊहल नदी पर आधा किलोमीटर लंबी झील बन गई।
ऊहल नदी कि इस स्थान पर चौड़ाई लगभग 50 मीटर से ज्यादा है। हालांकि इससे बनी झील का जलस्तर बढ़ जाने से पानी ने एक तरफ लगभग 15 मीटर चौड़ाई में बहने का रास्ता बना लिया, जिससे अतिरिक्त आ रहे पानी का तो बहाव शुरू हो गया, लेकिन मगर पहले से बनी झील बरकरार है। उधर, पहाड़ी से मलबे का गिरना लगातार जारी है। आशंका यह है कि यदि नदी में मलबा गिरता रहा तो बहाव फिर से पूरी तरह से बंद हो जाएगा। इस कारण यदि यह झील टूट जाती है तो कुछ ही मीटर दूरी पर स्थित कमांद गांव इसकी जद में आ जाएगा। इस आशंका के चलते कमांद गांव के लोगों में दहशत में हैं।