चंडीगढ़ - इस बार चुनाव आयोग मतदाता को जागरूक करने की एक नई पहल करने जा रहा है। इसके लिए ग्राम स्तरीय जागरूकता समूह और वार्ड स्तरीय जागरूकता समूह बनाने का निर्णय लिया है। इस कवायद का मकसद साफ है, मतदाता मतदान बिना डर, बिना लालच, धर्म व जाति से ऊपर उठ कर करे। मुख्य चुनाव अधिकारी श्रीकांत वाल्गद ने बताया कि नैतिक मतदान के पीछे एक ही मकसद है, किसी भी प्रलोभन से बचते हुए मतदान करना।
श्रीकांत वाल्गद ने बताया कि ऐसे कुछ क्षेत्र है जहां जहां नकदी, शराब और रिश्वत से मतदाता को प्रभावित करने की कोशिश होती है। हालांकि अभी तक कोई ठोस सबूत तो इस तरह के सामने नहीं आए। लेकिन लोकसभा चुनाव में मिली शिकायतों के आधार पर कुछ ऐसी जगह पहचानी है।
वीएजी और डब्ल्यूएजी आचार संहिता लगते ही अपना काम शुरू कर देंगे और मतदान के दिन तक कार्य करेंगे। इसके अलावा ये नुक्कड़ बैठकें, रैलियां, संबंधित क्षेत्रों में चुनावों के दौरान रिश्वत के दुष्प्रभाव के विरुद्ध ग्रुप डिस्कशन भी करेंगे। उन्होंने बताया कि ऐसी बैठकों में सेक्टर अधिकारी उपस्थित होंगे। इसके अलावा वीएजी और डब्ल्यूएजी चुनाव अधिकारियों द्वारा दिये गए रिश्वत विरोधी विज्ञापनों, पोस्टरों और बैनरों का प्रचार करेंगे।