चंडीगढ - हरियाणा में 3519 नए परमिट रद्द करने की मांग पर रोडवेज कर्मचारियों की दो दिन से चल रही हड़ताल को लेकर सरकार के तेवर आज नरम हो गए। ट्रांसपोर्ट विभाग ने प्राइवेट परिवहन समितियों को जारी प्रोविजनल टाइमटेबल को वापस ले लिया है।
हालांकि कर्मचारी उसके बाद भी अपनी मांग पर अड़े रहे। लेकिन बाद में रोडवेज मंत्री अफताब अहमद ने कर्मचारियों की मांगों को मान लिया जिसके कारण रोडवेज कर्मियों ने हड़ताल वापिस ले ली। बता दें कि पहले हरियाणा रोडवेज की सात यूनियनों के प्रतिनिधियों ने ऐलान किया था कि जब तक निजी परमिट रद्द नहीं किए जाते, हड़ताल जारी रहेगी।
हड़ताल खत्म करने को लेकर रविवार को भी पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में रोडवेज कर्मियों की सरकार के साथ बातचीत हुई थी। रोडवेज यूनियनों के प्रदेश के छह प्रधान और महासचिव की परिवहन मंत्री सहित परिवहन निगम के आला अधिकारियों के साथ तीन घंटे में दो चरण में वार्ता की लेकिन हड़ताल समाप्त करवाने का रास्ता नहीं निकल पाया था।
फिलहाल प्रदेश में चक्का जाम रहने की स्थिति से निजात मिल गई है। उल्लेखनीय है कि हरियाणा के निजी परमिटों का मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है और 11 सितंबर को निर्णय आना है। तीन चरणों में जारी हुए परमिटों पर कोर्ट ने स्टे लगा दिया है।