मंडी - प्रदेश में 11 विकास खंड विकास की दृष्टि से अभी भी पिछड़े हुए हैं। इन विकास खंडों को केंद्रीय ग्र्रामीण विकास मंत्रालय ने हाल ही में पिछड़ा हुआ ब्लॉक घोषित किया है। इन खंडों में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का ब्लॉक शामिल है। इसके अलावा स्वास्थ्य मंत्री ठाकुर कौल सिंह और भाजपा के दिग्गज एवं पूर्व में रहे पंचायती राज और ग्रामीण विकास मंत्री ठाकुर जयराम का ब्लॉक भी शामिल हैं।
इन ब्लॉकों में जहां लोग बेरोजगारी और गरीबी के बोझ तले दबे जा रहे हैं, वहीं इनमें महिला साक्षरता दर भी बहुत कम है। ऐसे में भारत सरकार प्रदेश के इन 11 विकास खंडों के उत्थान के लिए मनरेगा के तहत गहन सहभागितापूर्ण नियोजन व्यायाम कार्यक्रम शुरू करने जा रही है। इसी कार्यक्रम के तहत राष्ट्रीय स्तर पर वर्ष 2015-16 में जब मनरेगा के तहत लेबर बजट तैयार किया जाएगा, इन पिछड़े ब्लॉकों के लिए अलग से बजट की व्यवस्था की जाएगी।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने गत वर्ष इन ब्लॉकों के अंतर्गत आने वाली पंचायतों में लोगों के सामाजिक व आर्थिक स्तर को लेकर सर्वेक्षण करवाया था, जिसमें प्रदेश अधिकतर विकास खंडों में लोग रोजगार से वंचित हैं। कई घरों में बिजली, पानी व शौचालय की सुविधा नहीं है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने देशभर में 2500 विकास खंडों को पिछड़ा घोषित किया है।