नई दिल्ली - हरियाणा जनहित कांग्रेस (हजकां) से गठबंधन टूटने के बाद भाजपा नेता इस उम्मीद में हैं कि मोदी की हवा की बदौलत हरियाणा में भी भाजपा को बहुमत लायक सीटें मिल जाएंगी। पार्टी चुनाव में किसी नेता को सी.एम. कैंडिडेट के तौर पर प्रोजैक्ट नहीं करेगी।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रीय नेता चाहते हैं कि अगर सरकार बनाने लायक बहुमत मिले तो हरियाणा के मुख्यमंत्री के लिए दिल्ली से ही किसी नेता को भेजा जाए। इसके लिए जनरल वी.के. सिंह के अलावा सुषमा स्वराज जैसे नामों पर भी सोचा जा रहा है। हालांकि सुषमा पहले ही दिल्ली के सी.एम. पद के लिए मना कर चुकी हैं। वह शायद ही हरियाणा की सी.एम. बनना चाहें लेकिन पार्टी की अंदरूनी राजनीति समझने वालों का मानना है कि सुषमा की वजह से राष्ट्रीय स्तर पर असहज महसूस कर रहे नेता जरूर चाहेंगे कि उन्हें हरियाणा भेज दिया जाए।