चंडीगढ़, 4 फरवरी- हरियाणा में तकनीकी शिक्षण संस्थानों के परिसर तथा आसपास छात्राओं के विरुद्ध छेड़छाड़ की घटनाओं पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाने के दृष्टिगत राज्य तकनीकी शिक्षा विभाग ने ऐसे सभी संस्थानों को दिशा-निर्देश जारी किये है।
सभी तकनीकी शिक्षण संस्थानों के प्रमुखों को संस्थान के मुख्य गेट पर कर्मचारी तैनात करने की व्यवस्था करने के लिए कहा गया है जो गेट के खुलने तथा बंद होने के घंटों के दौरान वहां उपस्थित रहे। इसके अलावा, उन्हें महिला शिकायत प्रकोष्ठ भी स्थापित करना होगा, जिसमें संस्थान की वरिष्ठ महिला शिक्षक सदस्य हो। उन्होंने सुझाव तथा शिकायत पेटी को किसी सुविधाजनक स्थल पर रखने की व्यवस्था करनी होगी ताकि छात्राएं अपनी शिकायतें दे सकें। उन्हें ये भी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि महिलाओं के विरुद्ध छेड़छाड़ तथा अन्य किसी भी प्रकार के यौन उत्पीड़न से संबंधित जानकारी संस्थान या छात्रावास के नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित की जाये। इसके अलावा, छेड़छाड़ की घटना की जानकारी देने के लिए हेल्पलाइन नम्बर भी होर्डिंग पर प्रदर्शित करना होगा।
शिक्षण संस्थान द्वारा संस्थान शुरू होने तथा बंद होने के घंटों के दौरान संस्थान के नजदीक पीसीआर वाहन की तैनाती तथा इस दौरान पुलिस पैट्रोलिंग की व्यवस्था करने के लिए उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक और क्षेत्र के स्टेशन हाउस अधिकारी को आग्रह करना होगा ताकि छात्राओं से छेड़छाड़ या उत्पीड़न न हो।
संस्थान में या आसपास महिला उत्पीड़न का मामला पाया जाने पर इसकी जिम्मेदारी संस्थान तथा प्रबंधन के प्रमुख की होगी। खाली घंटों के दौरान भी किसी शिक्षक को कक्षा में तैनात करना होगा ताकि इस दौरान कोई भी छात्रा कक्षा में अकेली न रहे। लड़कियों के लिए अलग से सामान्य कक्ष बनाना होगा। शिक्षण संस्थानों को गेट पर, परिसर में तथा कक्षाओं में क्लोज सर्किट कैमरे लगाने होंगे।
उन्होंने बताया कि इन दिशा-निर्देशों के अनुसार, हथियारबंद एक महिला या पुरुष को वॉकी-टॉकी या मोबाईल फोन के साथ कामकाजी महिलाओं या छात्राओं के वाहन के पास तैनात करना होगा। यह भी सुनिश्चित करना होगा कि शराब की दुकान शिक्षण संस्थान या परिसर से उचित दूरी पर हो।
इन संस्थानों को जागरूकता कार्यक्रमों, विचार-विमर्श तथा गोष्ठियों के माध्यम से महिला उत्पीड़न के प्रति जागरूकता लाने के प्रभावी कदम उठाने होंगे तथा उन्हें महिला संगठनों तथा राज्य महिला आयोग के सहयोग से जागरूकता कार्यक्रमों में उन्हें अपने साथ जोड़ते हुए महिला उत्पीड़न जैसी बुराई को दूर करने के लिए भी प्रभावी कदम उठाने होंगे।
संस्थान और प्रबंधन के प्रमुख को संस्थान की छात्राओं तथा महिला शिक्षकों के विरुद्ध परिसर के बाहर होने वाली छेड़छाड़ की घटनाओं पर भी ध्यान देना होगा।
इस संबंध में लिखित दिशा-निर्देश गुरू जम्भेश्वर विज्ञान एवं तकनीकी विश्वविद्यालय, हिसार, दीनबंधु छोटू राम विज्ञान एवं तकनीकी विश्वविद्यालय, मुरथल, वाईएमसीए विज्ञान एवं तकनीकी विश्वविद्यालय, फरीदाबाद तथा राज्य के सभी सरकारी तथा सरकारी सहायता प्राप्त, स्वपोषित स्तातक तथा स्नातकोत्तर तकनीकी संस्थानों के निदेशकों तथा प्राचार्याें को भिजवा दिए गये हैं।