चंडीगढ़, 3 फरवरी - हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री राव नरेन्द्र सिंह ने कहा कि कैंसर का सही समय पर ईलाज़ ही इस बीमारी से छुटकारा दिला सकता है। इसलिए बेहतर है कि जनसाधारण कैंसर के उपचार से पहले इस बीमारी से बचाव और इसके लक्षणों की समय पर पहचान को लेकर जागरूक हो।
विश्व कैंसर दिवस की पूर्व संध्या पर जारी संदेश में स्वास्थ्य मंत्री राव नरेन्द्र सिंह ने कहा कि राज्य सरकार कैंसर के उपचार को सुविधाजनक एवं इससे होने वाली मौतों को न्यूनतम करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
राव नरेन्द्र सिंह ने बताया कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में सामान्य कैंसर को लेकर जागरूकता लाने में साक्षर महिला समूह, आशा कार्यकर्ता और एएनएम अहम योगदान दे रहे है और इस उद्देश्य से प्रदेश में प्रतिवर्ष 1 से 15 फरवरी तक स्वास्थ्य जागरूकता तथा 1 से 15 नवम्बर तक कैंसर जागरूकता पखवाड़े मनाये जाते है। तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत सार्वजनिक स्थानों पर धुम्रपान पर रोक है और प्रदेश में अवयस्कों को तथा उनके द्वारा तम्बाकू उत्पाद बेचे जाने पर सख्ती से प्रतिबंध लगाया गया है। इसके साथ-साथ राष्ट्रीय कैंसर नियंत्रण कार्यक्रम के तहत प्रदेश के चयनित जिलों में 30 वर्ष की आयु से अधिक के व्यक्तियों की कई तरह की सामान्य जांच की जाती है ताकि संभावित रोगों की पहचान तथा समय पर ईलाज हो सके।
महिलाओं में पाये जाने वाले कैंसर में गर्भाश्य, स्तन, अंडाशय तथा भोजन की नली का कैंसर तथा पुरुषों में फेफड़ों, मुंह, भोजन की नली तथा पेट का कैंसर प्रमुख हैं। कैंसर के आम लक्षणों में बिना किसी कारण वज़न कम होना तथा कमजोरी आना, भूख कम लगना या खाना निगलने में कठिनाई होना, मुंह के जख्मों का ना भरना, स्तन व गर्दन में दर्द रहित गांठ बन जाना, योनि से अधिक रिसाव या रक्तस्राव होना, शौच एवं पेशाब की आदतों में परिवर्तन शामिल हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि कैंसर से पीडि़त रोगियों को सर्जरी, कीमोथैरेपी और रेडिएशन उपचार तथा अन्य उपचार सेवाओं की निरंतर आवश्यकता पड़ती है जोकि पीजीआईएमएस, रोहतक या इस स्तर के बड़े संस्थानों में ही उपलब्ध होती है, जिससे रोगियों को आने-जाने में काफी खर्च वहन करना पड़ता है। इसके मद्देनजर राज्य सरकार ने कैंसर रोगियों को हरियाणा परिवहन की बसों में निःशुल्क यातायात की सुविधा देने का निर्णय लिया है।
इसके अलावा, विभिन्न जिला अस्पतालों में प्रशिक्षित ऑनकोसर्जन और रेडिएशन ऑनकोलॉजिस्ट नियुक्त किये गये है, जो कैंसर के मरीजों को सर्जरी तथा कीमोथैरेपी से संबंधित सेवाएं दे रहे है। राष्ट्रीय कैंसर नियंत्रण कार्यक्रम के तहत गरीब परिवारों के कैंसर मरीजों को कीमोथैरेपी के लिए प्रतिवर्ष एक लाख रुपये प्रति मरीज देने का प्रावधान है। राष्ट्रीय अरोग्य नीति योजना के तहत बीपीएल मरीजों को डेढ़ लाख रुपये तक शत प्रतिशत वित्तीय सहायता दी जाती है।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि हरियाणा के झज्जर में स्थापित किये जा रहे अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स-2) में राष्ट्रीय कैंसर संस्थान खोला जाना प्रस्तावित है, जो देश का सबसे बड़ा कैंसर संस्थान होगा।
हरियाणा की कुल 2 करोड़ 53 लाख की जनसंख्या में कैंसर पीडि़त मरीजों की संख्या लगभग 60 से 70 हजार है और इसमें प्रतिवर्ष एक लाख लोगों पर 80 से 90 नये मरीज जुड़ जाते है।