चंडीगढ़ - हरियाणा में विधानसभा के चुनाव समय पर होने की संभावना बन रही हैं। हालांकि मुख्य चुनाव आयुक्त ने पिछले दिनों चंडीगढ़ के दौरान सितम्बर के आखिरी सप्ताह में चुनाव के संकेत दे दिए थे। लेकिन लगातार हो रहे राजनीतिक घटनाक्रमों के बाद फिर से अटकलों को दौर शुरू हो गया हैं कि प्रदेश में विधानसभा के चुनाव अक्तूबर में ही हो सकते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हरियाणा दौरे के कार्यक्रम के बाद संभावनाएं और प्रबल हो गई हैं। दरअसल बीरेंद्र के 18 अगस्त को कैथल में हरियाणा नवनिर्माण रैली करने वाले थे। यह रैली इसलिए कैथल से जींद में करने का फैसला लिया गया कि 19 अगस्त को कैथल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कार्यक्रम तय हो गया है।
मोदी 19 को कैथल में प्रदेश को एक नया राजमार्ग देने के लिए पहुंचेंगे। मोदी नरवाना से बरवाला, हिसार व राजगढ़ तक की फोरलेन सडक़ का भूमि पूजन करेंगे। प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी का यह दूसरा हरियाणा दौरा होगा। इससे पहले वहफरीदाबाद के सूरजकुंड में पहली बार संसद पहुंचे सांसदों की वर्कशॉप में भाग ले चुके हैं। भाजपा नेताओं का कहना है कि मोदी का यह कार्यक्रम अकेले शिलान्यास तक सीमित नहीं होगा, इस दिन कैथल में बड़ी रैली भी की जाएगी।
प्रधानमंत्री का यह कार्यक्रम तय होने के बाद विधानसभा चुनाव समय पर होने की चर्चाएं फिर से शुरू हो गई। चुनाव आयोग से जुड़े सूत्रों का भी कहना है कि अगर सितम्बर के आखिरी सप्ताह में चुनाव होने हैं तो फिर 15 अगस्त से एक-दो दिन पहले ही आदर्श चुनाव आचार संहिता लग जानी चाहिए। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री कार्यालय ने मोदी का यह कार्यक्रम भी इन तमाम पहलुओं को ध्यान में रखकर ही बनाया होगा।
माना जा रहा है कि केंद्र के साथ-साथ राज्य की सरकार को भी इस तरह का आभास है कि चुनाव समय पर ही होंगे। ऐसे में अगर अक्तूबर में ही चुनाव होते हैं तो फिर राज्य में 20 अगस्त के बाद ही आचार संहिता लगेगी। अगर इससे पहले आचार संहिता लग गई तो मोदी अंबाला से कैथल तक की फोर लेन सडक़ का शिलान्यास नहीं कर सकेंगे।
वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा ने 12 अगस्त को फिर से हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक बुला ली है। सात अगस्त को ही मंत्रिमंडल की बैठक हुई। इससे सप्ताहभर पहले भी केबिनेट की बैठक हो चुकी है। चर्चा है कि 12 को होने वाली बैठक में सरकार और भी कई बड़े चुनावी फैसले ले सकती है।