शिमला - राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) के खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने शुक्रवार को विधानसभा के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। चौड़ा मैदान से विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता रैली के रूप में विधानसभा के बाहर पहुंचे, जहां काफी संख्या में पुलिस बल तैनात था। प्रदर्शन के दौरान विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने वहां लगाए गए बैरीकेट्स को गिराकर आगे बढने का प्रयास किया। इस बीच विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं और पुलिस कर्मियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई।
प्रदर्शन कर रहे संगठन के कार्यकर्ताओं को पुलिस कर्मियों ने पीछे खदेड़ा और इस दौरान पुलिस व विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं के बीच खूब धक्का-मुक्की हुई। विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने आगे बढने के लिए खूब प्रयास किए लेकिन वे पुलिस का सुरक्षा घेरा तोड़ नहीं पाए। विद्यार्थी परिषद के प्रदर्शन का दौर काफी देर तक चला। जिस समय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता विधानसभा के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे उस समय विधानसभा की कार्यवाही स्थगित हो गई थी। विद्यार्थी परिषद के इस प्रदर्शन में शिमला, सोलन, सिरमौर और बिलासपुर जिले से काफी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
इस दौरान संगठन के कार्यकर्ताओं को मुख्य वक्ता विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय मंत्री आशीष चौहान ने संबोधित किया। अपने भाषण में उन्होंने प्रदेश सरकार की मंशा पर प्रश्न चिन्ह लगाते हुए कहा कि रूसा प्रणाली के कारण कई छात्रों को उच्च शिक्षा से वंचित होना पड़ रहा है। रूसा के तहत प्रथम सैमेस्टर की परीक्षाएं समाप्त हुए 8 माह बीत चुके हैं लेकिन अभी तक परिणाम घोषित नहीं हुए हैं जोकि इस प्रणाली की महत्वपूर्ण खामी है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांत सह मंत्री नवनीत कौशल ने आरोप लगाया कि विधानसभा के बाहर प्रदर्शन के दौरान पुलिस कर्मियों ने लाठीचार्ज किया। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज को दबाने के लिए पुलिस बल का प्रयोग किया गया, जिसमें विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय मंत्री आशीष चौहान, पूर्व प्रदेश मंत्री अजय भेरटा, कुशल कौंडल, गौरव अत्री व सुरेश आदि कार्यकर्ताओं को चोटें आई हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विद्यार्थियों के इस आंदोलन की उग्रता से बौखला गई है।