शिमला - सदन में विपक्ष द्वारा मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग पर हुए हंगामे के बाद मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि भाजपा नेता दिल्ली हाईकोर्ट के केस की सुनवाई के बारे में गलत सूचनाएं देकर मीडिया को भ्रमित कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की कोशिश मेरी साफ छवि पर कीचड़ उछालने की है। प्रेम कुमार धूमल और उनके बेटे अनुराग ठाकुर के खिलाफ कुछ केस चल पड़े हैं और कुछ जांच में हैं, उन पर पर्दा डालने की कोशिश में यह सब सुनियोजित ढंग से किया जा रहा है।
वीरभद्र सिंह ने कहा कि हमारे विरोधी हमें इतना कमजोर न समझें, ऐसे षड्यंत्रों से निकलना हमें आता है। जो मामला हाईकोर्ट में चल रहा है, उसमें सरकारी वकील ने अपना कमैंट किया है, उसे हाईकोर्ट ने न तो रिकार्ड किया है और न ही इस संदर्भ में कोई टिप्पणी या आदेश किए हैं। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट ने केवल सीबीआई और आयकर विभाग को एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट पेश करने को कहा है लेकिन इससे ही कुछ लोगों के मन में लड्डू फूटने लग पड़े हैं। उन्होंने बताया कि इस केस में मुझे आज तक नोटिस नहीं मिला है और न ही मेरा वकील इस केस की सुनवाई में जाता है। जब मुझे कोर्ट इस केस की कार्यवाही में शामिल करेगा, मैं तभी अपना पक्ष रखूंगा।
वीरभद्र सिंह ने बताया कि दिल्ली हाईकोर्ट में प्रशांत भूषण ने जनहित याचिका दायर की है और वह मुझे व्यक्तिगत तौर पर जानते भी हैं। भाजपा सरकार के वक्त उनके ट्रस्ट को पालमपुर में चाय बागान की जमीन शिक्षण संस्थान के संचालन के लिए दी गई थी। जब उन्होंने 2 वर्षों के भीतर वहां पर शिक्षण संस्थान शुरू नहीं किया तो भाजपा की ही सरकार के वक्त कांगड़ा के डीसी ने उन्हें नोटिस दिए थे। उन्हीं नोटिस के आधार पर डीसी के कोर्ट में यह केस चल रहा है। उन्होंने बताया कि इस मामले में सामान्य तरीके से जांच चल रही है और यह मामला कांग्रेस की चार्जशीट में भी शामिल था।
एक सवाल के जवाब में वीरभद्र सिंह ने कहा कि प्रेम कुमार धूमल और अनुराग ठाकुर के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले चल रहे हैं, वे विधायक और सांसद पदों से इस्तीफा क्यों नहीं दे देते। उन्होंने कहा कि अभी तक ऐसा कोई मापदंड नहीं बना है कि मामले की सुनवाई और मामला दर्ज होने पर इस्तीफा देना पड़े। वीरभद्र सिंह ने साफ कहा कि मैं मच्छर के काटने से नहीं डरता। मुझे अपनी लड़ाई लडन$ी आती है। न्यायिक व्यवस्था पर मेरा पूरा भरोसा है। पहले भी धूमल ने 2 बार मुख्यमंत्री रहते हुए मेरे खिलाफ कई झूठे मामले दर्ज किए और हर बार कोर्ट से मुझे क्लीन चिट मिली है।