शिमला - पश्चिमी भारतीय टमाटर की जुलाई माह के आखिर में बाजार में हुई धमाकेदार एंट्री ने हिमाचली टमाटर की रौनक फीकी कर दी है। जुलाई में 50 रुपए प्रति किलो तक बिकने वाला राज्य का टमाटर अगस्त माह के आरंभ होने के साथ ही धड़ाम हो गया है और दाम चालीस फीसदी तक नीचे आ गिरा है, जिसके बाद टमाटर उत्पादकों के अरमानों पर पानी फिरने लगा है। सूत्रों की मानें तो आने वाले दिनों में दाम और ज्यादा गिरने वाले हैं। महाराष्ट्र और कर्नाटक में टमाटर की फसल राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में पूरे दमखम के साथ उतर आई है।
गृह राज्यों में इस टमाटर के बाद गुजरात, राजस्थान और पड़ोसी देश पाकिस्तान तक नासिक का टमाटर पहुंच गया है, जिसके कारण हिमाचली टमाटर की डिमांड एकाएक कम हो गई है। मार्केट विशेषज्ञों के अनुसार पिछले सप्ताह राज्य के उत्पादकों को टमाटर के दाम 45 से 50 रुपए प्रति किलो तक मिल रहे थे तो करीब दो दिनों से यह घटकर 30 रुपए तक पहुंच गए हैं। इसके अलावा हिमाचली टमाटर के लिए पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में हो रही बारिश भी आफत बन गई है। उधर, मंगलवार को कुल्लू जिला की सबसे बड़ी भुंतर मंडी में टमाटर को अधिकतम 33 रुपए तक दाम मिले तो औसत कीमत 25 से 30 रुपए प्रति किलो रही।