शिमला - एचपी यूनिवर्सिटी के शिक्षकों की सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाने पर अंतिम फैसला सरकार लेगी। सरकार ने एचपीयू को इस बारे में स्टडी रिपोर्ट तैयार करने के लिए पत्र जारी किया गया था। अब विवि प्रशासन ने इसका जवाब दे दिया है। इसमें विवि प्रशासन ने कहा है कि सेवानिवृत्ति आयु को बढ़ाने का क्षेत्र उनका नहीं है। ऐसे में सरकार यदि चाहे तो अपने स्तर पर सेवानिवृत्ति पर फैसला ले।
एचपीयू टीचर्स एसोसिएशन (हपुटा) ने सरकार से सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाने की मांग की थी। अभी 60 वर्ष की आयु में शिक्षकों की सेवानिवृत्ति होती है। ऐसे में जो लाभ अन्य कर्मचारियों को दिया जा रहा है, उसके अनुसार शिक्षकों की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष की जाए। इस पर सरकार ने एचपीयू से स्थिति स्पष्ट करने को कहा।