चंडीगढ़ - हिमाचल प्रदेश के ऊना जिला की पूर्व कुटलैहड़ रियासत पर राजा टीका बुद्धेश्वर की सेक्टर 16 में ताजपोशी हो गई है। टीका बुद्घेश्वर अपने पिता राजा महेंद्र पाल की रियासत संभाल रहे हैं। उनके पिता का इस माह 20 जुलाई को निधन हो गया था। 56 साल के टीका बुद्धेश्वर बताते हैं कि हालांकि राजा महाराजाओं की प्रथा समाप्त हो गई है लेकिन यह प्रतीकात्मक समारोह होगा। सुबह तिलक समारोह होगा हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड रियासतों के राजा हिस्सा लेंगे। बता दें कि रियासत में उनकी डेढ़ लाख एकड़ जमीन थी, जिसे हिमाचल सरकार ने 1994-95 में एक्वायर कर लिया था। सरकार ने जमीन एक्वायर करने के बाद उन्हें मात्र टोकन मनी दी। मुआवजे को लेकर सुप्रीम कोर्ट में मामला विचाराधीन है।
राजा टीका ने बताया कि उनका परिवार 1960 में ऊना से चंडीगढ़ आया। 1966 में सेक्टर 16 में उन्होंने अपना घर बनाया। वह चंडीगढ़ के सेंट स्टीफंस स्कूल में पढ़े हैं। उनके पिता की मलकीयत डेढ़ लाख एकड़ जमीन थी। वह हिमाचल से एक बार चुनाव भी लड़ चुके हैं और तीन वोट से हार गए थे। राजा टीका ने बताया कि उनके परदादा के पिता राजा रामपाल ने महाराजा रणजीत सिंह से लड़ाई लड़ी था।
राजा टीका बुद्धेश्वर की पत्नी भुवनेश्वरी लता शिमला राजघराने से हैं। उनकी मां ललिता कुमारी सोलन के राजा सुरेंद्र सिंह की बेटी हैं। राजा टीका के दो बेटे हैं, एक चंडीगढ़ में और एक गुड$गांव में जॉब करते हैं। राजा टीका की दो बहने भी हैं।