शिमला (एसएनएस) - ऊर्जा विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा है कि सतलुज नदी पर स्थित व प्रस्तावित जल विद्युत परियोजनाओं से होने वाले पर्यावरण व सामाजिक प्रभावों के विस्तृत अध्ययन व आंकलन की रिपोर्ट पर स्वतंत्र परामर्श के लिए विशेषज्ञों को अधिकृत किया गया है। यह अधिकृत विशेषज्ञ एवं ऊर्जा निदेशालय के अधिकारियों का एक दल अगस्त माह में सतलुज बेसिन क्षेत्र का दौरा कर लोगों से सुझाव लेगा।
प्रवक्ता ने कहा कि सतलुज नदी पर स्थित व प्रस्तावित जल विद्युत परियोजनाओं से होने वाले पर्यावरण व सामाजिक प्रभावों के विस्तृत अध्ययन व आंकलन का कार्य भारतीय वानिकी वन संस्थान परिषद देहरादून को सौंपा गया था, जिन्होंने अपनी रिपोर्ट विभाग को सौंप दी है। इसके दृष्टिगत सरकार ने इस अध्ययन पर एक स्वतंत्र परामर्श के लिए अन्तरराष्ट्रीय स्तर के दो विशेषज्ञों जिनमें पर्यावरण विशेषज्ञ डी.सी. खंडूरी और सामाजिक आर्थिक विशेषज्ञ रेशमी नायर को अधिकृत किया है।
उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा जल विद्युत परियोजनाओं के लगने से प्रभावित पक्षों, ऊर्जा उत्पादकों, गैर सरकारी सस्थाओं, स्थानीय प्रशासन तथा अन्य सभी हितधारकों के सुझाव लिए जाएंगे ताकि एकत्रित सुझावों व अध्ययन के निष्कर्ष से इस क्षेत्र में सरकार की ओर से बेहतर नीति का निर्धारण किया जा सके।
उन्होंने कहा कि यह टीम 13 अगस्त को पंचायत घर लिप्पा में दोहपर बाद 2.30 से 4.30, 14 अगस्त को पंचायत घर पूह में प्रात: 10.30 बजे से दोहपर 1.30 बजे और नाको के मोनेस्ट्री मैदान में सायं 3.00 से 5.30 बजे तक तथा 15 अगस्त को पंचायत घर ताबो में प्रात: 11.30 से दोपहर 2.00 बजे तक परियोजना प्रभावित लोगों, स्थानीय प्रशासन व ऊर्जा उत्पादकों की मौजूदगी में बैठक करेंगी। उन्होंने लोगों से क्षेत्र में जल विद्युत परियोजनाओं के संदर्भ में सुझाव देने के लिए बैठक में में भाग लेने का आग्रह किया है।