शिमला (एसएनएस) - विश्व हिन्दू परिषद के प्रदेश संगठन मंत्री मनोज कुमार ने एक प्रैस वक्तव्य में प्रदेश सरकार से मांग की है कि श्रीखंड महादेव की यात्रा, जो परंपरागत रूप से होती आई है, उसे सुचारू रूप से वहाल किया जाना चाहिये। उन्होंने प्रदेश सरकार पर अरोप लगाया कि प्रदेश सरकार श्रीखंड यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए कोई ठोस योजना बनाने में पूरी तरहा नाकाम रही है। श्रीखंड यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए न तो कोई डॉक्टरों की टीम है, न बेस कैंप है और न ही सकरार की ओर से काई लगर योजना चलाई जा रही है।
मनोज कुमार ने राज्य सरकार से मांग की कि यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं का बीमा होना चाहिए, जिससे अगर दुर्घटनावश किसी श्रद्धालु की मौत हो जाती है तो उसके परिवार वालों को सरकार की ओर से आर्थिक सहयोग प्राप्त हो। लेकिन राज्य सरकार के रवैये से लगता है कि सरकार यात्रा के धार्मिक स्वरूप के बिगाडऩे में लगी है। अगर सरकार का यही उदासीन रवैया रहा तो एक दिन यह ऐतिहासिक, धार्मिक यात्रा बंद हो जाएगी।
मनोज कुमार ने कहा कि मणीमहेश यात्रा भी प्रांरभ होने वाली है, लेकिन सरकार का अभी इस और कोई ध्यान नही है। उन्होंने ने सरकार से मांग की कि श्राईन बोर्ड की तरहा राज्य सरकार को भी यात्री निवासी बोर्ड का गठन करना चाहिए, जो इन सब प्रकार की धार्मिक यात्राओं की चिन्ता करे। मनोज कुमार ने कहा कि राज्य सरकार जनता के पैसे का विकास के नाम से दुरुपयोग कर रही है और गुलछर्रे उड़ा रही है। आज धार्मिक यात्राओं के नाम से कोई फंड नही है जो हिन्दुओं के लिए चिन्ता का विषय है, क्योकि राज्य सरकार हिन्दुओं के हितों की चिन्ता करने में पूर्णतया नाकाम रही है।
मनोज कुमार ने प्रो. प्रेम कुमार धूमल जी के उस वक्तव्य की प्रशंसा की जिसमें उन्होंने कहा है कि कैलाश मानसरोवर की यात्रा हिमाचल से होकर निकले, जो कि यहां के लोगों को रोजगार के साथ-साथ पर्यटन की दृष्टी से भी वहुत महत्वपूर्ण है। प्रदेश सरकार को भी केन्द्र सरकार से इस विषय में मांग उठानी चाहिए, जिससे की कैलाश मानसरोवर यात्रा हिमाचल से होकर गुजरे।