शिमला (एसएनएस) : मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य से मादक द्रव्यों के उन्मूलन के लिए प्रतिबद्ध है और प्रदेश में मादक द्रव्यों के अवैध कारोबार के विरूद्ध सतत कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री एक समाचार पत्र के समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने पंजाब सरकार से आग्रह किया कि वह मादक द्रव्यों के कारोबार पर कड़ी नजर रखें।
उन्होंने कहा कि मादक द्रव्यों के कारोबार में संलिप्त दोषियों को पकडऩे के लिए दोनों प्रदेशों की सरकारों की राजनीतिक इच्छा शक्ति आवश्यक है। पंजाब के लोग अपनी बहादुरी के लिए जाने जाते हैं किन्तु यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि विगत समय में अनेक युवा नशे की गिरफ्त में आ गए हैं। उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्यों से हिमाचल में आने वाले ट्रकों की पूर्ण जांच सुनिश्चित बनाई जानी चाहिए क्योंकि मादक पदार्थों की अधिकांश तस्करी सीमांत क्षेत्रों में होती है तथा यह राज्यों का कर्तव्य है कि एकजुट होकर मादक द्रव्यों के कारोबार पर लगाम लगाई जाए।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में आतंकवाद तथा मादक पदार्थों का अवैध कारोबार वैश्विक समस्या बनकर उभरा है और इससे व्यापक स्तर पर मानवता त्रस्त है। उन्होंने सभी का आह्वान किया कि इस प्रकार के असामाजिक तत्वों के विरूद्ध एकजुट होकर आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि असामाजिक तत्वों के खिलाफ मोर्चा लेने वाले व्यक्तियों की पूर्ण सहायता की जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाचार समूह युद्ध नायकों, शहीदों और जरूरतमंद व्यक्तियों के परिवारों की सहायता की दिशा में सराहनीय कार्य कर रहा है। शहीद परिवार निधि की विश्वसनीयता पूर्ण रूप से स्थापित है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि इस पुनीत कार्य के लिए उदारतापूर्वक अंशदान करें। उन्होंने कहा कि देश के स्वतंत्रता संग्राम में पंजाब का विशिष्ट योगदान रहा है और हम सभी पंजाब को पहले की तरह समृद्ध देखना चाहते हैं।
उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने इस अवसर पर कहा कि मादक द्रव्यों की बुराई के समूल नाश के लिए दोनों राज्यों को एकजुट होकर कार्य करना चाहिए क्योंकि नशे की प्रवृति तेजी से युवाओं को अपनी गिर त में ले रही है। प्रदेश सरकार अपनी सीमाओं की समुचित निगरानी सुनिश्चित बना रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि मादक द्रव्यों के अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए।