शिमला (एसएनएस) : हिमाचल स्कूल प्रवक्ता संघ ने संयुक्त बयान में हाल ही में वित्त विभाग की उस नई अधिसूचना का कड़ा विरोध किया है जिसमें यह कहा गया था कि 4.9.14 का लाभ पूरे सेवाकाल में एक बार ही मिलेगा, जबकि पहले यह लाभ पदोन्नत होने पर भी मिलता था। इस फैसले से प्रदेश के लगभग तीन लाख कर्मचारियों में कड़ा रोष है ।
बयान इन पदाधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से जारी हुआ है: प्रधान नरोत्तम ठाकुर, महासचिव राजेंद्र ठाकुर, वरिष्ठ उप-प्रधान गिरिश ठाकुर, मुख्य संगठन सचिव पंकज कुमार बख्शी, प्रेस सचिव डॉ. राम गोपाल, प्रेस सचिव राधे श्याम,राजेश वैद्य, ललित शर्मा सदस्य परम देव, मुख्य हैड क्वार्टर सचिव संजय देष्टा, ऑडिटर गुरवचन सिंह, कानूनी सलाहकार सुरेंद्र शर्मा, ललित शर्मा, राजेश कटवाल, उप-प्रधान तेज सिंघ, सुभाष चंद कौशल, सुरेंद्र कौंडल, विश्वनाथ मलकोटिया, वेब सचिव नरेश ठाकुर, प्रेस सचिव राधे श्याम, राजेश वैद्य, जिला हमीरपुर के प्रधान संजीव ठाकुर, जिला बिलासपुर के प्रधान सतिश शर्मा, जिला कुल्लु के प्रधान धीरज सागर, जिला उना के प्रधान कमल शर्मा, जिला सोलन के प्रधान नरेश वर्मा एवं जिला मंडी के प्रधान अशोक ठाकुर।
सरकारी कर्मचारी सरकार की रीढ़ की हड्डी की तरह होते हैं, मगर वतर्मान सरकार कर्मचारियों की तरफ कोई ध्यान नहीं दे
रही है। जो लाभ उन्हें मिल रहे हैं उन्हें भी छीन रही है। हिमाचल प्रदेश सरकार ने चुनाव से पहले सरकारी कर्मचारियों के साथ किए वादे जिसमें सभी कर्मचारियों को 4/9/14 का फायदा 1/1/2006 से देने का वादा किया था, जिसे बाद में बदल कर 1/10/2012 कर दिया जिससे लाखों कर्मचारी इससे वंचित हो गए।
हाल ही में हिमाचल सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाले पदोन्नति पर जो वित्तीय वेतन वृद्धि जो 4/9/14 साल की उस पद पर पूरा करने के बाद मिलती थी हिमाचल सरकार के वित्त विभाग ने कर्मचारी विरोधी फैसला लेकर हिमाचल सरकार के कर्मचारी हितेषी दावों की पोल खोलता है। हैरानी की बात है कि यदि पदोन्नती पर वित्तीय लाभ देना सरकार बन्द कर देगी तो पदोन्नत होने का क्या औचित्य रहेगा।
हिमाचल स्कूल प्रवक्ता संघ सरकार से मांग करता है कि इस फैसले को तुरंत वापिस लिया जाये। इस मामले पर संघ दूसरे संगठनों से लगातार संपर्क बनाये हुये है। अगर इस फैसले को वापिस नहीं लिया तो सभी विभागों के संगठन मिल कर आगे की रणनीति तय की जायेगी।