शिमला (एसएनएस) - मुख्य संसदीय सचिव एवं जुब्बल-कोटखाई विधान सभा क्षेत्र के विधायक रोहित ठाकुर ने ग्राम पंचायत झगटान में आयोजित खेल कूद प्रतियोगिता के समापन समारोह के अवसर पर कहा कि कांग्रोस सरकार के बीते डेढ़ वर्ष के कार्यकाल में जुब्बल-कोटखाई क्षेत्र के विकास के लिए हर संभव प्रयास किए गये हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सडक़ निर्माण को प्राथमिकता प्रदान कर रही है। गत डेढ़ वर्ष की अवधि में जुब्बल-कोटखाई में केन्द्रीय प्रायोजित एवं राज्य वित पोषित योजनाओं के माध्यम से सडक़ों के निर्माण, रखरखाव व मैटलिंग-टारिंग के लिए लगभग 85 करोड़ रुपये मंजूर हुए हैं और लगभग इन सभी सडक़ों के लिये निविदाएं भी आमन्त्रित की गई हैं।
जुब्बल-कोटखाई विधान सभा क्षेत्र में इन बीते डेढ वर्षों में एनुअल रिनुअल कोट/ए.एम.पी के तहत 105 कि.मी. सडक़ों की मैटलिंग-टारिंग करवाई गई जबकि पिछली सरकार के कार्यकाल में इस योजना के तहत जुब्बल-कोटखाई विधान सभा क्षेत्र में मात्र 75 कि.मी. सडक़ें ही पक्की की गई थीं। इसी समयावधि में क्षेत्र में सिंचाई तथा पेयजल योजनाओं के लिए लगभग 17 करोड़ रुपये स्वीकृत किये गये हैं जबकि पूर्व सरकार के कार्यकाल में 12 करोड़ रुपये की सिंचाई योजनाएं मंजूर हुई थीं।
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बागवानों को हर संभव सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिये प्रयासरत है और जुब्बल-कोटखाई विधान सभा क्षेत्र में जुब्बल तहसील के अणू में सब्जी मण्डी का निर्माण किया जा रहा है। इसका कार्य आवंटित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि बागवानों को घर-द्वार पर ही अपने उत्पाद का सही मूल्य प्रदान करने के लिये जुब्बल-कोटखाई में वातानुकुलित भण्डारण सुविधा आर भ करना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है तथा अणू, खड़ापत्थर व बाघी में वातानुकुलित भण्डारण सुविधा आर भ करना प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि 81 कि.मी. लंबे ठियोग-कोटखाई-हाटकोटी-रोहडू सडक़ का निर्माण कार्य निश्चित समय सीमा में पूरा किया जायेगा और सडक़ निर्माण में गुणवत्ता सुनिश्चित बनाई जायेगी।
सेब उत्पादकों की सुविधा के लिए प्रदेश सरकार ने 22.5 किलोग्राम के स्टेंडर्ड कार्टन बॉक्स आर भ करने का निर्णय लिया है। उन्होंने पूर्व सरकार पर इस सडक़ की उपेक्षा का आरोप लगाया। वर्ष 2010 में सेब सीजन में लचर व्यवस्था के तथा इस सडक़ की दुर्दशा के कारण बागवानों को लगभग 700 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा था।
बागवानों को अपने उत्पाद को मण्डियों तक पहुंचाने के लिए चार गुना अतिरिक्त भाड़ा देय करना पड़ा था।उन्होंने कहा कि गत वर्ष की तरह इस वर्ष भी सेब सीजन को सुचारू रूप से चलाया जाएगा ताकि किसान-बागवानों को किसी प्रकार की दिक्कतों का सामना न करना पड़े। रोहित ठाकुर ने बागवानी क्षेत्र के लिए विश्व बैंक से 1000 करोड़ रुपये की राशि अनुमोदित होने पर प्रदेश सरकार को बधाई देते हुये कहा कि इस राशि द्वारा प्रदेश में बागवानी क्षेत्र में विकास के नये आयाम स्थापित होंगे।