शिमला - हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय कोर्ट की आपातकालीन बैठक कुलपति प्रो.ए.डी.एन.वाजपेयी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। विश्वविद्यालय कोर्ट की यह 26वीं बैठक कोर्ट के सदस्यों में से भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद् के लिए एक सदस्य को निर्वाचित करने के लिए आयोजित की गई। बैठक मे प्रार भ में कुलपति ने पिछले लगभग एक वर्ष के दौरान आयोजित की गईं गतिविधियों की विस्तृत रिपोर्ट रखी। उन्होंने इस अवधि के दौरान शैक्षणिक, खेलकूद तथा अन्य गतिविधियों से स बन्धित जानकारी भी दी।
टांडा स्थित राजेन्द्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय कांगड़ा के प्राचार्य डॉ. अनिल चौकान को सर्व सम्मति से भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद् के लिए सदस्य चुना गया। उनके नाम का प्रस्ताव चन्द्रशेखर ने रखा तथा विश्वविद्यालय कोर्ट के निर्वाचित सदस्य तेज राम शर्मा, चौधरी वरयाम सिंह बैन्स और शिमला स्थित इन्दिरा गांधी आयुर्विज्ञान महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एस.एस.कौशल ने इनका समर्थन किया। इस अवसर पर प्रति-कुलपति प्रो.राजेन्द्र सिंह चौहान, कुलसचिव प्रो.मोहन झारटा, निदेशक, आयुर्विज्ञान शिक्षा और अन्य सदस्य उपस्थित थे।
(एसएनएस के सौजन्य से)