चंडीगढ़, 30 जनवरी - हरियाणा राज्य सतर्कता ब्यूरो ने भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम के अंतर्गत एक जांच में आरोपी पाये गये 25 राजपत्रित अधिकारियों एवं 38 अराजपत्रित अधिकारियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने की सिफारिश की है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि ब्यूरो द्वारा दिसम्बर, 2012 के दौरान सात मामलों की जांच की गई, जिसमें 4 मामलों में आरोप पाये गये। इनमें तीन जांचों में 13 राजपत्रित अधिकारियों एवं एक अराजपत्रित अधिकारी के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही करने की सिफारिश भी की गई है।
सतर्कता ब्यूरो द्वारा दिसम्बर, 2012 के दौरान राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में कार्यरत पांच अधिकारियों को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया और उनसे रिश्वत की कुल 2 लाख 62 हजार रुपये की राशि वसूल की गई। इन अधिकारियों में जिला करनाल के इंद्री में कार्यरत पंचायती राज विभाग के एबीपीओ बलदेव राज को 15000 रुपये, रोहतक में कार्यरत पुलिस विभाग के सहायक उप निरीक्षक रामपाल को 10000 रुपये, कैथल में कार्यरत बिजली विभाग के कनिष्ठ अभियंता कृष्ण चंद को 5000 रुपये, गुड़गांव में कार्यरत पुलिस विभाग के सहायक उप निरीक्षक विकास कुमार को 60000 रुपये तथा यमुनानगर में कार्यरत सिंचाई विभाग के अधीक्षक अभियंता संजीव कुमार गर्ग को 1 लाख 72 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। सभी के विरुद्ध भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम के तहत अभियोग दर्ज किये गये है।