चंडीगढ़ - हरियाणा में सभी गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और बच्चों को टी.बी., पीलिया, हैपेटाइटिस-बी, गलघोंटू, काली खांसी, टिटनेस, खसरा और जापानी बुखार जैसी आठ टीका रोधी बीमारियों से बचाने के लिए सरकार की ओर से नि:शुल्क टीकाकरण सुविधा दी जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग, हरियाणा के एक प्रवक्ता ने आज यह जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में टीका रोधी बीमारियों से होने वाली शिशु मृत्यु दर और रुग्णता की दर में कमी लाने का सब से प्रभावशाली तरीका टीकाकरण है। इसलिये विभाग राज्य में टीकाकरण की कवरेज बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।
प्रवक्ता ने बताया कि हरियाणा ने घर-घर में होने वाले और नियमित टीकाकरण की मॉनिटरिंग के लिए तीव्र नियमित टीकाकरण निगरानी शुरू की है। इसके लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यू0एच0ओ0) तथा राष्ट्रीय पोलियो निगरानी कार्यक्रम (एन0पी0एस0पी0) के सहयोग से 52 इम्युनाइज़ेशन फील्ड वॉलेन्टीयर (आई एफ वी) को एक्सटर्नल मॉनिटर के तौर पर नियुक्त किया गया है।
उन्होंने बताया कि राज्य में पेंटावेलेंट वैक्सिन दी जा रही है। राष्ट्रीय टीकाकरण सारिणी के अनुसार 6, 10 और 14 हफ्तों के सभी नवजात शिशुओं को पेंटावेलेंट के 3 टीके लगाए जाते हैं। पेंटावेलेंट का यह टीका नवजात शिशुओं का पांच बीमारियों-हैपेटाइटिस-बी, गलघोंटू, काली खांसी, टिटनेस और हिबन्यूमोनिया से बचाव करता है।
प्रवक्ता ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों के चलते पूर्ण टीकाकृत बच्चों का प्रतिशत 59.6 (डिस्ट्रिक्ट लेवल हाउसहोल्ड सर्विस 2007-08) से बढक़र 71.1 प्रतिशत (कवरेज इवेल्युएशन सर्वे 2009) हो गया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2013-14 में टीकाकरण के 242276 सत्र तथा वर्ष 2012-13 में 174622 सत्र आयोजित किए गए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा डब्ल्यू0एच0ओ0-एन0पी0एस0पी0 के सहयोग से राज्य के 21 जिलों में खसरा रक्षक अभियान चलाए गए और खसरे के कुछ चुनिंदा मामलों में जेनेटिक सर्विलेंस भी शुरू किया गया।
प्रवक्ता ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में टीकाकरण की स्थिति में सुधार के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा 126 वैकल्पिक वैक्सिनेटर नियुक्त किये गए हैं। इनकी नियुक्ति शहरी झुग्गी-झोंपड़ी वाले इलाकों और खाली पड़े उप-केन्द्रों के लिए की गई है। उन्होंने बताया कि राज्य में टीकाकरण सुविधाओं के विस्तार और इसकी गुणवत्ता बढ़ाने के लिए यूएसएआईडी-एमचिप के सहयोग से रैपिड, स्पोर्टिव सुपरविज़न किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त जिलों में क्षमता निर्माण के लिए स्टाफ की नियुक्ति भी की गई है। प्रवक्ता ने बताया कि हरियाणा के 21 जिलों में रेपिड का पहला चरण पूरा हो चुका है। इसके अलावा 10 जिलों- फरीदाबाद, जींद, झज्जर, कैथल, कुरूक्षेत्र, पानीपत, पलवल, मेवात, सिरसा और यमुनानगर में दूसरा चरण भी पूरा हो चुका है। राज्य के 3 जिलों- पलवल, मेवात और पानीपत में रैपिड का तीसरा चरण भी पूरा हो चुका है।
प्रवक्ता ने बताया कि अण्डर सर्व इलाकों में टीकाकरण की कवरेज को बढ़ाने के लिए राज्य के सभी जिलों में विशेष टीकाकरण सप्ताह मनाने की योजना है। वर्ष 2012-13 में 4 और वर्ष 2013-14 में 7 टीकाकरण सप्ताह आयोजित किए गए। उन्होंने बताया कि पण्डित भगवत दयाल शर्मा पीजीआईएमएस, रोहतक और डब्ल्यू0एच0ओ0-एन0पी0एस0पी0 के सहयोग से स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के 21 जिलों में वैक्सिन प्रिवेंटेबल डिज़ीज़ सर्विलेंस का कार्य भी शुरू किया है।