चण्डीगढ़, 29 जनवरी- मेनीटोबा, कनाडा ने हरियाणा के साथ विभिन्न क्षेत्रों, विशेषकर खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में आर्थिक सहयोग बढाने की इच्छा जाहिर की है तथा इस कड़ी में मेनीटोबा के 9 सदस्यीय शिष्टमण्डल ने आज यहां श्री ग्रेग सेलिंगर की अगवाई में हरियाणा सरकार के वित्त मंत्री श्री हरमोहिन्द्र सिंह चट्ठा तथा शिक्षामंत्री श्रीमती गीता भुक्कल से मुलाकात की और विस्तृत चर्चा की।
बैठक में श्री सेलिंगर ने अवगत करवाया कि मेनीटोबा खाद्य विकास केन्द्र के सहयोग से हरियाणा में खाद्य विकास केन्द्र विकसित करने के लिए मई, 2010 में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे और हम उस प्रक्रिया को आगे बढाने के इच्छुक हैं। इन केन्द्रों के माध्यम से खाद्य प्रसंस्करणों के विकास, खाद्य एवं स्वास्थ्य उत्पादों के वाणिज्यिकरण में सहयोग मिलेगा।
बैठक में शिक्षा मंत्री ने शिष्टमण्डल को अवगत करवाया कि हरियाणा में स्कूली स्तर पर राष्ट्रीय व्यवसायिक शिक्षा पाठ्यक्रम आरम्भ किया गया है जिसके तहत विद्यार्थियों को व्यवसायिक शिक्षा दी जाती है। इस प्रकार हरियाणा में दक्ष कार्यबल उपलब्ध है जो उच्चतर शिक्षा जारी रखने का इच्छुक नहीं है। हरियाणा इस प्रकार मेनीटोबा को कार्यबल उपलब्ध करवा सकता है। श्री सेलिंगर ने मेनीटोबा की भूगोलिक परिस्थिति की जानकारी दी। श्रीमती भुक्कल ने बताया कि हरियाणा शिक्षा के क्षेत्र में अन्तर्राष्ट्रीय पहचान बना चुका है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के कार्यकुशलता में वृद्घि के लिए प्रदेश में राष्ट्रीय स्तर का एक प्रशिक्षण केन्द्र खोला जा रहा है। हालांकि हरियाणा सरकार ने ब्रिटिश काऊंसल के साथ समझौता किया है अगर कनाडा भी इस क्षेत्र में सहयोग का ईच्छुक है तो संस्थागत सहयोग की बढ़ाने की दिशा में विचार किया जा सकता है।
बैठक में कृषि विभाग के प्रधान सचिव श्री रोशन लाल ने अवगत करवाया कि हरियाणा ने इजराइल के सहयोग से सब्जी उत्कृष्टता केन्द्र, घरौण्डा में स्थापित किया है। इसके अलावा गन्नौर में सब्जियों एवं फलों का अन्तर्राष्ट्रीय स्तर का ट्रमिनल मार्केट स्थापित की जा रही है। उन्होंने बताया कि रिटेल में एफडीआई को केन्द्र सरकार ने देश में मंजूरी प्रदान की है। इस क्षेत्र में कोल्ड चेन व अनुसंधान एवं विकास क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि फसलों के धान-गेहूं चक्कर के विविधीकरण की दिशा में कदम उठाएं जा रहें हैं। इससे भू-जल स्तर में सुधार के साथ-साथ किसानों का रूझान नकदी फसलों की ओर बढ़ रहा है।
बैठक में उद्योग विभाग के प्रधान सचिव वाई.एस.मलिक ने अवगत करवाया कि औद्योगीकरण की दिशा में हरियाणा ने तेजी से प्रगति की है तथा नई औद्योगिक एवं निवेश नीति के तहत कृषि आधारित, खाद्य प्रसंस्करण एवं सम्बद्घ उद्योगों की पहचान एक विशेष ध्यान केन्द्रित किए जाने वाले क्षेत्रों के रूप में की गई है। श्री सेलिंगर ने बताया कि मेनीटोबा मैनिफैक्चरिंग के क्षेत्र में भी सहयोग का ईच्छुक है और साथ ही मेनीटोबा को पनबिजली के क्षेत्र में परियोजना के प्रबन्धन व सम्प्रेषण के क्षेत्र में विशेषता हासिल है। हिमाचल प्रदेश के साथ इस क्षेत्र में कार्य कर रहा है। उन्होंने स्मरण करवाया कि हरियाणा सरकार ने हालही में भूटान से लगभग 2000 मेगावॉट पनबिजली दोहन के समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। अगर हरियाणा चाहे तो उनका देश परियोजना प्रबन्धन एवं सम्प्रेषण में सहयोग के लिए तैयार है। इसके अलावा मेनीटोबा को भू-तापीय ऊर्जा (जीईओ थर्मल पॉवर)के क्षेत्र में भी विशेषता हासिल है।
बैठक में मुख्य सचिव श्री पी.के.चौधरी, औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग के प्रधान सचिव श्री आर.पी.चन्द्रा, तकनीकि शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव श्री धनपत सिंह, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के मुख्य प्रशासक श्री टीवीएन प्रसाद, उच्चतर शिक्षा विभाग के महानिदेशक श्री अंकुर गुप्ता के अलावा अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित थे।