चंडीगढ़ - हरियाणा के जिला करनाल में कृषि विभाग ने हरियाणा भूमिगत जल परीक्षण विधेयक 2009 के अंतर्गत कार्रवाई करते हुए इन्द्री क्षेत्र के गांव जनेसरो-डिपो में लगभग साढ़े पांच एकड़ में लगी साठी धान खरपतवार नाशक स्प्रे करके नष्ट कर दिया।
इस संबंध में जानकारी देते हुए कृषि विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि विभाग के अधिकारियों द्वारा जिन किसानों की धान की फसल को नष्ट किया, उनमें किसान कृष्ण कुमार, राजेश कुमार तथा बाबुराम शामिल हैं। उन्होंने बताया कि गांव नगला रोडान में भी किसान बलिन्द्र सिंह की डेढ़ एकड़ भूमि, प्रवीन की दो एकड़ भूमि तथा कपिल की एक एकड़ भूमि पर साठी धान की रोपाई पाई गई। कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा समझाने पर किसानों ने अगले दो दिन में साठी धान को नष्ट करने का आश्वासन दिया है।
उल्लेखनीय है कि विभाग द्वारा हरियाणा भूमिगत जल परीक्षण विधेयक 2009 के तहत प्रदेश में 15 मई से पहले धान की बिजाई और 15 जून से पहले धान की रोपाई नहीं की जा सकती। इस कानून का उल्लंघना पर दोषी पाए जाने पर किसान से प्रति हैक्टेयर प्रति मास 10 हजार रुपये जुर्माना तथा बिजाई-रोपाई की गई धान को नष्ट करने का खर्च भी वसूले जाने का प्रावधान है। इसके अलावा, पहली बार दोषी पाए जाने पर अस्थाई तौर पर और दूसरी बार दोषी पाए जाने पर स्थाई रूप से बिजली का कनैक्शन भी काटे जाने का भी प्रावधान है।