चण्डीगढ़ - गुडग़ांव में रैजीडेंट वैल्फेयर एसोसिएशनो की समस्याओं के शीघ्र निपटारे के लिए कष्ट निवारण समिति का गठन किया गया है जिसके अध्यक्ष उपायुक्त हैं और सदस्य सचिव वरिष्ठ नगर योजनाकार को बनाया गया है। समिति की पहली बैठक 29 मई को होगी।
इस सम्बन्ध में जानकारी देते हुए जिला प्रशासन के प्रवक्ता ने बताया कि यह निर्णय आज उपायुक्त द्वारा प्राइवेट कॉलोनाइजरों के क्षेत्र की रैजीडेंट वैल्फेयर एसोसिएशनो (आरडब्ल्यूए) के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर लिया। उन्होंने बताया कि जिला कष्ट निवारण समिति की तर्ज पर आरडब्ल्यूए की समस्याओं को जल्द सुलझाने के लिए समिति बनाई जा रही है जिसके अध्यक्ष उपायुक्त होंगे। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता के आधार पर आरडब्ल्यूए अपनी पहली 10 समस्याएं उन्हे लिखकर देना होगा, जिस पर संबंधित कॉलोनाइजर अथवा बिल्डर से जवाब मांगा जाएगा। इसके बाद समिति की बैठक बुलार्ई जाएगी जिसमे आरडब्ल्यूए तथा बिल्डरों के प्रतिनिधियों के अलावा संबंधित सरकारी विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को भी बुलाया जाएगा और सभी पक्षो को सुनने के बाद मौके पर ही समस्या के समाधान का निर्णय लिया जाएगा। इस निर्णय तथा समस्त कार्यवाही की रिपोर्ट राज्य सरकार को भी भेजी जाएगी। इस समिति की पहली बैठक 29 मई को होगी जिसमें आरडब्ल्यूए के अलावा बिल्डर के प्रतिनिधि भी होंगे।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा बिल्डरों को दिए गए लाइसेंस में कुछ शर्ते भी दी हुई होती है जिसके अनुसार बिल्डरों को उन द्वारा विकसित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवानी होती है। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों बिल्डरों की बैठक बुलाकर उनसे मूलभूत सुविधाओं की स्थिति की रिपोर्ट मांगी थी। आरडब्ल्यूए के प्रतिनिधियो ने बिल्डरों की रिपोर्ट उपायुक्त के साथ सांझा करने का आग्रह किया जिसपर उपायुक्त ने तत्काल कह दिया कि रिपोर्ट उन्हे दी जाएगी ताकि वे वस्तुस्थिति से जिला प्रशासन को अवगत करवा सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की मंशा के अनुसार बिल्डर अथवा कॉलोनाइजरो द्वारा विकसित क्षेत्रो में लोगों को वे सभी सुविधाएं उपलब्ध हो जिसके वे हकदार है।
आरडब्ल्यूए के प्रतिनिधियों ने उपायुक्त को बताया कि बिल्डरों द्वारा विकसित क्षेत्रों में पेयजल, सीवरेज, ड्रेनेज, सर्विस रोड़, ग्रीन बैल्ट तथा पार्कों की स्थिति अच्छी नही है। पार्को में लोगों के घूमने के लिए ट्रैक बनाना तो दूर उनकी चार दीवारी तक नही करवाई गई है। इसके अलावा, सामुदायिक केन्द्रो का कर्मिशयल उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने ये भी बताया कि बिल्डरों द्वारा हर रिहायशी क्षेत्र में डिस्पेंसरी तथा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जाना चाहिए था, जो उन्होंने नही किया। इसी प्रकार, बिल्डरों के क्षेत्र में सडक़ो की हालत खराब है और वाटर हारवेस्टिंग के लिए भी कोई प्रबंध नही किए गए है। आरडब्ल्यूए के प्रतिनिधियों ने उपायुक्त से आरडीसिटी, साऊथ सिटी, सुशांत लोक आदि बिल्डर के क्षेत्र का दौरा करने का आग्रह भी किया।