चण्डीगढ़, 29 जनवरी- भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय, खानपूर कलां, जिला सोनीपत तथा क्वांग्वून विश्वविद्यालय, दक्षिण कोरिया में शैक्षणिक, प्रशासनिक, स्टूडेंट, फैकल्टी तथा रिसर्च आदि के आदान-प्रदान को लेकर मैमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय की ओर से कुलपति डा. पंकज मित्तल तथा क्वांग्वून विश्वविद्यालय, दक्षिण कोरिया के प्रोफेसर डेही ली ने हस्ताक्षर किए।
इस अवसर पर कोरियन कल्चरल सेंटर, दिल्ली के निदेशक किम कम पयोंग, कुलसचिव प्रो. आशा काद्यान, भगत फूल सिंह की दोहती कमला रानी, सेंटर फॉर इंडिक-एशियन स्टडीज के निदेशक प्रो. कपिल कपूर तथा हरियाणा इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल डेवलपमेंट, नीलोखेड़ी के निदेशक सूरत सिंह, डा. गुलाब सिंह, डा. रविभूषण, प्रो. गीता सिंह, प्रो. इपश्ति बंसल सहित अन्य विद्वान जन उपस्थित थे।
एमओयू पर हस्ताक्षर के बाद कुलपति डा. पंकज मित्तल ने बताया कि यह करार दोनों विश्वविद्यालयों की विकास यात्रा में मील का पत्थर साबित होगा। कुलपति ने कहा कि करार के तहत दोनों विश्वविद्यालय शैक्षणिक, प्रशासनिक, सांस्कृतिक तथा शोध सहित विश्वविद्यालय से जुड़ी अन्य गतिविधियों में पारस्परिक सहयोग करेंगे तथा दोनों विश्वविद्यालयों के साथ-साथ समाज के विकास की नई इबारत लिखने की दिशा में प्रयास करेंगे। क्वांग्वून विश्वविद्यालय के प्रो. डेही ली ने कहा कि कोरियन कल्चरल सेंटर, दिल्ली के निदेशक किम कम पयोंग ने इस अवसर पर बीपीएस महिला विवि से एमओयू के करार की खुशी जताते हुए कहा कि इससे दोनों विश्वविद्यालयों की उन्नति का नया रास्ता निकलेगा और स्टूडेंट/फैकल्टी/प्रशासनिक एक्सचेंज के अलावा शोध की दिशा में मिलने वाले पारस्परिक सहयोग से दोनों विश्वविद्यालयों का समानांतर विकास होगा। कोरियन कल्चरल सेंटर, दिल्ली के निदेशक किम कम पयोंग ने कहा कि इस एमओयू से भारत और दक्षिण कोरिया के संबंध पहले से अधिक मजबूत होंगे। उन्होंने एमओयू पर हस्ताक्षर के लिए दोनों विश्वविद्यालयों को बधाई दी। कुलसचिव प्रो. आशा काद्यान ने एमओयू को दोनों विश्वविद्यालयों की विकास यात्रा का अहम मोड़ बताते हुए कहा कि दक्षिण कोरिया के साथ भारत के ऐतिहासिक संबंध रहे हैं, इस दिशा में यह एमओयू भविष्य में भारत और दक्षिण कोरिया के संबंधों में पहले से अधिक निकटता और आपसी सहयोग लाने में कारगर साबित होगा।