रोहतक - कांग्रेस विधायक दल के सचेतक एवं जिला कांग्रेस के प्रधान भारत भूषण बतरा ने पृथ्वी दिवस के अवसर पर कहा कि ग्लोबल वार्मिगं को कम करने के लिए अधिक से अधिक पेड़ लगाये। उन्होने कहा कि वृक्ष ही जीवन का आधार हैं । पेड लगाने पर ध्यान दे तो बाढ़ जैसी अनेकों प्राकृतिक आपदाओं के साथ साथ अन्य कई तरह की परेशानियों से बचा जा सकता हैं । उधर जिला लोक सम्पर्क एवं शिकायत निवारण समिति के सदस्य ललित मोहन सैनी ने पृथ्वी दिवस के उपलक्ष्य में आज राम बाग में कांग्रेसी कार्यकताओं के साथ पौधारोपण किया । ललित मोहन सैनी ने कहा कि समाज के हर व्यक्ति को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहते हुए स्वच्छता बनाए रखने के लिए आगे आना होगा तभी हम पर्यावरण संरक्षण के प्रति जो एक सभ्य नागरिक की जिम्मेवारी होती है उसका वहन सही ढंग से हो सकेगा।
सैनी ने कहा कि प्रत्येक मनुष्य को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिये । उन्होने कहा कि पौधे लगाना जितना जरूरी है उतनी ही उनकी देखभाल भी जरूरी हैं । यदि वातावरण साफ सुथरा होगा तो प्रत्येक व्यक्ति व जीव जंतु का जीवन स्वस्थ एवं सुरक्षित रहेगा। देवेन्द्र भारत ने कहा कि फसलों के अवशेषों को जलाने से जहां जहरीला धुंआ वातावरण को दूषित करता है, वहीं पशुओं के चारे में कमी भी आती है। अवशेषों के जलाने से आसपास की फसलों के जलने का भी खतरा बना रहता है। उन्होंने किसानों को परामर्श दिया है कि वे अपनी फसलों की कटाई के बाद फसलों के अवशेषों को जलाने की बजाए उसका उपयोग सूखे चारे के रूप में करें ताकि पशुओं के लिए पर्याप्त मात्रा में चारा उपलब्ध हो। कृषि अवशेषों को जलाना हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम के तहत अपराध है जिसमें सजा व जुर्माने का प्रावधान है। फसलों के अवशेष जलाने से किसान के मित्र कीट तो नष्ट होते ही हैं, साथ ही जमीन की उर्वरा शक्ति भी कम होती है। स्वस्थ जीवन बसर करने के लिए पर्यावरण का स्वच्छ होना बहुत आवश्यक है और सभी की सक्रिय भागीदारी एवं सहयोग से ही पर्यावरण को सुरक्षित बनाया जा सकता है। उन्होंने लोगों को पौधरोपण के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि पेड़ों का मानव जीवन में बहुत महत्व है क्योकि इनसे जहां हमेंकीमती लकड़ी, छाया व फल-फूल मिलते हैं वहीं पेड़ पर्यावरण को स्वच्छ रखने में भी सहायक हैं। उन्होंनेे प्लास्टिक थैलियों की अपेक्षा ईकोफ्रेंडली बैग का प्रयोग करने पर बल देते हुए बताया कि इनका प्रयोग पर्यावरण स्वच्छता में बहुत सहायक है। उन्होंने लोगों को प्लास्टिक की थैलियों का प्रयोग न करने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि प्लास्टिक की थैलियों से पानी एवं सीवरेज की निकासी में बाधा पड़ती है और रंगीन प्लास्टिक थैलियों में खाद्य सामग्री ले जाने से खाद्य पदार्थों मेें जहरीले रसायनों का समावेश भी हो जाता है जोकि बहुत हानिकारक है।