हरियाणा पंजाबी साहित्य अकादमी, पंचकूला की ओर से हर माह निरंतर प्रकाशित की जा रही मासिक पत्रिका ‘शब्द बूंद’ बैसाखी अंक का लोकापर्ण हरियाणा की शिक्षा मंत्री गीता भ़ुक्कल ने अपने कैंप आफिस चण्डीगढ़ में किया। उन्होंने हरियाणा पंजाबी साहित्य अकादमी द्वारा प्रकाशित की जा रही इस पत्रिका को सराहते हुए कहा कि ये पंजाबी साहित्यकारों के लिए अच्छा प्रयास है। इसी संदर्भ में अकादमी निदेशक ने बताया कि यह पत्रिका विशेषकर हरियाणा के पंजाबी साहित्यकारों को एक साहित्यिक मंच प्रदान कर रही है जिसमें इस क्षेत्र के लेखकों की कहानियां, कवितांए, आलेख, नाटक एवं बाल साहित्य हर अंक में शामिल होते है जिसे न केवल हरियाणा के ही पंजाबी पाठक दिल से पसंद करते हैं, उन्हीं के साथ-साथ हरियाणा से बाहर रहते पंजाबी लेखक और पाठक भी इस पत्रिका को सराहते है। यही कारण है यह पत्रिका इस समय लगभग 800 प्रतियों में छप रही है और बुद्धिजीवी पाठकों व लेखकों के घरों पर दस्तक दे रही है। उपर्युक्त बैसाखी अंक में गेंहू की फसल की कटाई के आगाज़ को कई आलेखों एवं कहानियों में चित्रित किया गया है और साथ ही महान संत सिपाही श्री गुरू गोबिन्द सिंह जी जिन्होनें बैसाखी के पर्व पर खालसा पंथ की स्थापना की, के बारे में भी कई विद्वानों के खोज भरपूर आलेख प्रकाशित किए गए है। अकादमी निदेशक सुखचैन सिंह भंडारी ने यह भी कहा कि ‘शब्द बूंद’ पत्रिका हर वर्ष लगभग 5-6 विशेष अंक भिन्न-भिन्न त्यौहारों से संबंधित अंक भी निकालती आ रही है जिनमें इन त्यौहारों से संबंधित कई प्रकार की रचनाएं प्रकाशित की जाती हैं जिससे पाठकों को कई नई-नई बातों का पता लगता है।