Hindi English Sunday, 18 October 2026
BREAKING
• 70 फुट ऊंचे रावण और भव्य आतिशबाजी के साथ मनेगा सेक्टर 49 में दशहरा • चंडीगढ़ में श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन नंदोत्सव और तृतीय वृंदावन प्राकट्य उत्सव बड़े उत्साह से मनाया गया; भक्ति मंत्रों से गूंजा पंडाल • सी.आर.बी. पब्लिक स्कूल, सेक्टर-7 का वार्षिकोत्सव ‘झंकार’ बड़े हर्षोल्लास और उत्साह के साथ आयोजित • एमएसएमई क्षेत्र के लिए सुरक्षित भविष्य है नेशनल पेंशन सिस्टम योजना • दो दिवसीय नि:शुल्क एक्यूपंक्चर एवं मानसिक स्वास्थ्य शिविर का आगाज़ • श्रीराम के आदर्श हमारे आचरण और सामाजिक जीवन का हिस्सा बनें : नरेश अरोड़ा • चंडीगढ़ में श्रीमद्भागवत कथा का भव्य शुभारंभ, इंद्रेश महाराज के प्रवचनों और भजनों से कृष्णमय हुआ शहर • फोर्टिस मोहाली ने आधुनिक इमेजिंग, फ्लोरेसेंस-गाइडेड सर्जरी और रोबोटिक प्रक्रियाओं से स्तन कैंसर के इलाज को आगे बढ़ाया • श्रीमद्भागवत कथा एवं तृतीय वृंदावन प्राकट्य उत्सव का भव्य आयोजन आज से • भरत-कैकेयी संवाद ने दर्शकों को किया इमोशनल

हरियाणा

More News

होली की बदलती बोली

Updated on Sunday, March 16, 2014 20:24 PM IST

                आपसी दुश्मनी व बैर मिटाने का पर्व होली का स्वरूप आज बदल गया है। आज यह हुड़दंग व महिलाओं के साथ छेड़खानी करने का पर्व बन गया है। आखिर क्या वजह है इस बदलाव की?

                ‘होली है, बुरा न मानो होली है’, ऐसी आवाजें होली के दिन निकलते ही सुनाई पड़नी शुरू हो जाती हैं। स्त्री, पुरुष, युवक, युवतियां, बच्चे, बूढ़े, टोलियां बनाकर पिचकारियों से रंग उछालते हुए, गुलाल हवा में बिखेरते हुए दिखाई दे जाते हैं।

होली की प्राचीन परंपरा

                होली की परंपरा उतनी ही प्राचीन है जितनी कि भारतीय सभ्यता। ग्रंथों में भी होली का विवरण मिलता है। प्राचीन काल में खेली जाने वाली होली और जिस रूप में होली आज खेली जाती है इसमें काफी अंतर आ गया है। आज केसर व टेसू के फूल के रंगों आदि को कोई नहीं पूछता। आज जमाना आ गया है कीचड़ का, मिलावटी रंगों का। आज होली मिलन पर्व और पुरानी दुश्मनी का गला घोंटकर नई शुरूआत करने की इच्छा से नहीं खेली जाती, बल्कि होली की आड़ लेकर पुरानी दुश्मनी चुकाने की फिराक में रहने वाले इस मौके पर चूकते नहीं हैं। आज होली खेली जाती है युवतियों को तंग करने के लिए। हुल्लड़बाजी करना ही होली खेलना बन गया है। शराब की बोतल हाथ में लेकर व भांग के नशे में झूमते हुए युवक और पुरुष दिखाई देते हैं। ऐसे मनचले होली की मस्ती में अपनी सुध बुध भूलकर युवतियों की तलाश में रहते हैं तथा उनके साथ छेड़खानी करते हैं। उनके पास तो ऐसे रंग होते हैं जो कई महीनों तक छूट ही नहीं पाते हैं और साथ ही महिलाओं की कोमल त्वचा को भी प्रभावित करते हैं। गुब्बारों में पानी भरकर राहगीरों पर उछालना बच्चों का खेल माना जाता है पर अब तो बड़े भी बच्चों के रास्ते पर चलने लगे हैं। यद्यपि यह खेली मस्ती के आलम में जाती है, लेकिन कभी-कभी मस्ती का आलम दंगे में भी परिवर्तित हो जाता है। बदलता स्वरूप होली का त्यौहार आपसी दुश्मनी, ईर्ष्या का त्याग करने का संदेश लेकर आता है लेकिन देखा यह गया है कि होली को मिलन पर्व न मानकर हुल्लड़बाजी का पर्व माना जाने लगा है।

                देवर भाभी अथवा जीजा साली उन्मुक्त होकर होली खेलते हैं। देवर की यह इच्छा रहती है कि वह भाभी को खूब छकाएगा और जीजा भी ऐसे रंगों की तलाश में रहता है जो लगा दे तो जल्दी छूटे ही नहीं ताकि उसकी साली को उसकी याद काफी दिनों तक सताती रहे। ऐसे लोग अपने मन की खुशी के लिए ऐसे पक्के रंग चेहरे पर लगा देते हैं जो चेहरे की कोमल त्वचा को प्रभावित करते हैं और जिनकी वजह से उनका खूबसूरत चेहरा काफी दिनों तक बदसूरत बना रहता है।

सतर्कता आवश्यक

                महिलाएं जो कि अपने सौंदर्य के प्रति सजग रहती हैं, उन्हें होली पर अपने ऊपर डाले गए रंगों की ओर से सतर्क रहना चाहिए। गुलाल में मिलावट होती है। रंगों में ऐसे-ऐसे रसायन मिलाए जाते हैं जो विषैले होने के साथ त्वचा की कोमलता को भी नष्ट करते हैं। जहां तक हो सके, युवतियों को ऐसे रंगों से बचना चाहिए। लेकिन बच पाना संभव कहां होता है। होली की मस्ती में चूर लोग रंग डालने से चूकते नहीं हैं, ऐसी स्थिति में गुलाल, रंग आदि को किसी के कपड़े से तुरंत साफ कर लेना चाहिए। कुछ लोग पानी से भिगोने वाले रंगों को अपने हाथ में लगाकर युवतियों के चेहरे पर मल देते हैं। ऐसी स्थिति में इन रंगों को कभी सूखने मत दें।

                प्राचीन ग्रंथों से संकेत मिलते हैं कि होली के दिन दोपहर तक होली का रंग खेला जाता था और फिर सब लोग एक जगह एकत्र होकर गीत संगीत का आनंद लेते थे।

हुड़दंग का पर्याय

                होली के दिन लोग घर-घर जाकर गुलाल लगाते हैं, रंगों की पिचकारियां छोड़ते हैं। इस तरह होली के दिन आने जाने वालों का तांता लगा रहता है। कहीं-कहीं तो मेहमान का स्वागत पानी की बाल्टी उड़ेलकर किया जाता है।

ऐसे मनाएं

                माना कि होली उल्लास, उमंगों से भरा त्यौहार है और इसका भरपूर आनंद भी उठाया जाना चाहिए। लेकिन जिस अंदाज में होली खेली जाती है यदि उसमें परिवर्तन कर लिया जाए तो होली का आनंद कुछ और ही होगा। होली के दिन से पहले ही यदि मुहल्ले के लोग एकजुट होकर यह निर्णय कर लें कि होली पर घर-घर न जाकर मुहल्ले में किसी एक सार्वजनिक स्थान पर होली खेली जाए, वहीं मिठाइयों का आदान-प्रदान किया जाए, गले मिलकर पुरानी दुश्मनी को भुलाया जाए तो होली का आनंद बहुत बढ़ जाएगा। मुहल्ले वाले मिलकर गीत गानों का भी आयोजन कर सकते हैं।

                ऐसी व्यवस्था निश्चित तौर पर साफ सुथरी व्यवस्था होगी। महिलाएं जो मुहल्ले के युवकों के ‘गुब्बारों’ और बाहरी लोगों की छेड़खानियों का शिकार बनती हैं, उनसे बच सकती हैं।

Have something to say? Post your comment
पुआधी पंजाबी कवि दरबार का आयोजन किया गया

: पुआधी पंजाबी कवि दरबार का आयोजन किया गया

भारत गौरव सम्मान 2026 आयोजन में जसविंदर सिंह नागपाल को किया सम्मानित

: भारत गौरव सम्मान 2026 आयोजन में जसविंदर सिंह नागपाल को किया सम्मानित

हरियाणा में बाइक रैली के भव्य स्वागत की तैयारियों पर हुआ मंथन

: हरियाणा में बाइक रैली के भव्य स्वागत की तैयारियों पर हुआ मंथन

सिविल अस्पताल पंचकूला में ‘माउथ मैटर्स: एन ओरल वेलनेस गाइड’ पुस्तक का विमोचन

: सिविल अस्पताल पंचकूला में ‘माउथ मैटर्स: एन ओरल वेलनेस गाइड’ पुस्तक का विमोचन

हरियाणा की महिला उद्यमी व महिला सेल्फ हेल्प ग्रुप चंडीगढ़ में दिखाएंगी प्रतिभा

: हरियाणा की महिला उद्यमी व महिला सेल्फ हेल्प ग्रुप चंडीगढ़ में दिखाएंगी प्रतिभा

14 अगस्त को पंचकूला में होगा

: 14 अगस्त को पंचकूला में होगा "तीज मुटियारां दी" का भव्य आयोजन

गुरुग्राम: पंजाबी बिरादरी महासभा व कल्याणी अस्पताल के सौजन्य से लगा स्वास्थ्य जांच शिविर

: गुरुग्राम: पंजाबी बिरादरी महासभा व कल्याणी अस्पताल के सौजन्य से लगा स्वास्थ्य जांच शिविर

हरियाणा के राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में नशा मुक्त युवा–विकसित भारत संकल्प अभियान ने रचा नया कीर्तिमान

: हरियाणा के राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में नशा मुक्त युवा–विकसित भारत संकल्प अभियान ने रचा नया कीर्तिमान

सावन के प्रथम सोमवार पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सकेतड़ी स्थित महादेव मंदिर में की पूजा-अर्चना

: सावन के प्रथम सोमवार पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सकेतड़ी स्थित महादेव मंदिर में की पूजा-अर्चना

राजकीय स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय पंचकूला में

: राजकीय स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय पंचकूला में "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के तहत एनएसएस एवं इको क्लब द्वारा वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित

X