चण्डीगढ़ 25 जनवरी- हरियाणा सरकार ने निर्माण एवं निर्यात के क्षेत्र में निर्माताओं एवं निर्यातकों के योगदान के लिए राज्य के निर्माता निर्यातकों को दिए जाने वाले ‘राज्य निर्यात पुरस्कार’ की योजना को संशोधित किया है।
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के तहत नौ विभिन्न औद्योगिक समूहों में कुल 18 ‘उत्कृष्ट निर्यातक पुरस्कार’ और एक ‘उत्कृष्ट महिला उद्यमी निर्यातक पुरस्कार’ प्रदान किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार बड़े एवं मध्यम उद्योगों तथा माइक्रो एवं लघु स्तरीय उद्योगों को दिए जाएंगे। इंजीनियरिेंग,ऑटो एवं ऑटो कम्पोनेंटस समूह, कृषि आधारित खाद्य एवं बागवानी समूह, ग्लास, रबड़ एवं सिरेमिक्स समूह, वैज्ञानिक उपकरण एवं गृह उपकरण समूह, टैक्सटाईल, हौजरी,रेड़ीमेड गारमेंटस, लैदर एवं फूटवेयर समूह, हथकरघा एवं हस्तशिल्प समूह,इलैक्ट्रॉनिक्स, आईटी एवं आई समबद्घ सेवाएं वर्ग,फार्मास्यूटिकल,औषधि एवं बॉयोटैक वर्ग तथा विविध समूह वर्ग के तहत बड़े एवं मध्यम तथा माइक्रो एवं लघु स्तरीय उद्योगों को एक-एक पुरस्कार दिया जाएगा जबकि एक पुरस्कार उत्कृष्ट महिला निर्यातक उद्यमी को दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, कुल19 सांत्वना पुरस्कार भी दिए जाएंगे और यह पुरस्कार उक्त वर्गों में एक-एक दिया जाएगा।
प्रवक्ता ने कहा कि प्रत्येक उत्कृष्ट राज्य निर्यात पुरस्कार और उत्कृष्ट महिला निर्यात पुरस्कार के तहत एक-एक लाख रुपये की नकद राशि दी जाएगी, जबकि सांत्वाना पुरस्कार के तहत 21-21 हजार रुपये दिए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि हरियाणा में स्थित निर्यात करने वाली ऐसी निर्माण इकाइयां जो उक्त वर्णित समूहों में आती हैं,वे निर्यात पुरस्कार के लिए पात्र होंगी बशर्ते उनका निर्यात टर्नओवर महानिदेशक विदेश व्यापार के कार्यालय द्वारा राज्य से निर्यात किया गया माना जाता हो। महिला निर्यातक पुरस्कार के तहत आवेदन पर केवल तभी विचार किया जाएगा यदि निर्यात इकाई का स्वामित्व एवं प्रंबधन महिला उद्यमी द्वारा किया जा रहा हो,जिसका निजी लि0 कम्पनी या भागीदारी में शेयर होल्डिंग 51 प्रतिशत या इससे अधिक हो।
उन्होंने कहा कि इकाइयों के प्रदर्शन के आधार पर बड़ी तथा मध्यम एवं लघु स्तरीय क्षेत्रों की निर्यात इकाइयों की अलग से मैरिट सूची तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि दो इकाइयों को समान अंक मिलते हैं तो अधिक मात्रा में निर्यात करने वाली इकाई को प्राथमिकता दी जाएगी। विजेता को मैरिट प्रमाण-पत्र भी दिया जाएगा। गत चार वर्षों के दौरान निर्माता निर्यातकों के निर्यात प्रदर्शन के आधार पर वर्ष में एक बार निर्यात पुरस्कार दिए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि निर्यात इकाइयोंं को पुरस्कार के लिए निर्धारित फोर्मेट में सम्बन्धित संयुक्त निदेशक, जिला औद्योगिक केन्द्र, निदेशक उद्योग के कार्यालय में आवेदन प्रेषित करना होगा। संयुक्त निदेशक, जिला औद्योगिक केन्द्र आवेदन में दिए विवरण का सत्यापन करने के उपरान्त आवेदन की सिफारिश करेगा। निर्यात पुरस्कारों के लिए निर्यात इकाइयों का चयन एवं प्रस्तावों के आकलन के लिए उद्योग निदेशक द्वारा इन आवेदनों को निर्यात पुरस्कार चयन कमेटी के समक्ष रखा जाएगा।
प्रधान सचिव, उद्योग एवं वाणिज्यि विभाग की अध्यक्षता में निर्यात पुरस्कार चयन कमेटी गठित की जाएगी। कमेटी के अन्य सदस्यों में हरियाणा राज्य औद्योगिक आधारभूत संरचना विकास निगम, हरियाणा वित्त निगम तथा हरियाणा राज्य इलैक्ट्रॉनिक विकास निगम के प्रबंध निदेशक और कृषि या बागवानी, लघु उद्योग सेवा संस्थान, करनाल के निदेशक शामिल होंगे तथा उद्योग एवं वाणिज्यि के निदेशक इसके सदस्य सचिव के रूप में कार्य करेंगे।
उन्होंने कहा कि कमेटी का मुख्यालय चण्डीगढ़़ होगा तथा इसकी बैठक जब कभी आवश्यकता होगी, दिल्ली या हरियाणा के किसी अन्य स्थल पर आयोजित की जाएगी। कमेटी की कार्यावधि पांच वर्ष होगी। योजना के क्रियान्वयन हेतू पुरस्कार राशि के लिए, राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित करने तथा पात्र निर्यात इकाइयों से आवेदन आमंत्रित करने के लिए 25 लाख रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि यह धन राशि निवेश प्रोत्साहन केन्द्र के पास रखी जाएगी।
उन्होंने कहा कि देश के आर्थिक विकास में निर्यात महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। प्राकृतिक संसाधनों के अभाव तथा समुन्द्री बंदरगाह दूर होने के बावजूद निर्यात के मामले में प्रदेश का प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के गठन के समय केवल 4.5 करोड़ रुपये का निर्यात किया जा रहा था, जोकि बढ़कर 48,000 करोड़ रुपये से अधिक का हो गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उद्योग अनुकूल माहौल, राज्य नीतियों एवं पहलों तथा उद्यमियों के प्रयासों से ही ऐसा सम्भव हो सका है।